कालजयी फिल्म ‘लगान’ के लिए 21 साल पहले नेशनल फिल्म अवार्ड जीत चुके निर्माता निर्देशक आशुतोष गोवारिकर अपनी कंपनी की फिल्म 'तुलसीदास जूनियर' को मिले सम्मान से अभिभूत है। इस फिल्म को साल 2020 के शुक्रवार को घोषित नेशनल फिल्म अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का सम्मान मिला है। इसके कलाकार वरुण बुद्धदेव को बाल कलाकारों की श्रेणी में विशेष उल्लेख का भी सम्मान मिला है। फिल्म 'तुलसीदास जूनियर' को दो नेशनल फिल्म अवार्ड जीतने की बधाइयां आशुतोष को लगातार मिल रही हैं।
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Ashutosh Gowariker
- फोटो : सोशल मीडिया
'तुलसीदास जूनियर' ने साल 2020 के 68वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट हिन्दी फिल्म का अवॉर्ड जीता जबकि फिल्म के लीड एक्टर वरुण बुद्धदेव को चाइल्ड एक्टर कैटेगरी के तहत फीचर फिल्मों में स्पेशल मेंशन दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि लगान की तरह आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'तुलसीदास जूनियर' भी इमोशन्स से भरपूर एक स्पोर्ट्स बैकग्राउंड की फिल्म हैं। इन दोनों ही फिल्मों ने नेशनल अवॉर्ड्स में गोल्ड जीता है।
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तुलसीदास जूनियर
- फोटो : इंस्टाग्राम
सच्ची घटना से प्रेरित फिल्म 'तुलसीदास जूनियर' स्नूकर पर आधारित पहली स्पोर्ट्स फिल्म है, जो डायरेक्टर और पूर्व स्नूकर प्लेयर मृदुल तुलसीदास के बचपन और उनके पिता के साथ उनके रिश्तों पर रोशनी डालती है। इस फिल्म में मृदुल के किरदार को वरुण बुद्धदेव ने अदा किया है, जबकि उनके पिता का किरदार दिवंगत अभिनेता राजीव कपूर ने निभाया है।
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Ashutosh Gowariker
- फोटो : सोशल मीडिया
आशुतोष गोवारिकर कहते हैं, "इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से फिर से एक बार सम्मानित किया जाना बहुत बड़ा भाग्य है। जो बात इसे और भी खास बनाती है वह यह है कि 'तुलसीदास जूनियर' मेरा पहला प्रोडक्शन वेंचर रहा है। हमने नए कलाकारों और तकनीशियनों को अपनी कहानियों को बताने के लिए एक मंच बनाने का प्रयास किया है और हमारी की गई कोशिशों का ये नतीजा देख मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है। खेल शैली हमेशा से मेरे दिल के करीब रही है।"
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तुलसीदास जूनियर
- फोटो : सोशल मीडिया
निर्देशक मृदुल तुलसीदास कहते हैं, "आज जब हमने यह अवॉर्ड जीता है, तो मैं अपने रियल और रील पिता दोनों के लिए इससे बड़ी श्रद्धांजलि की कल्पना नहीं कर सकता हूं। 'तुलसीदास जूनियर' मेरे पिता को श्रद्धांजलि देने के लिए मेरा जुनूनी प्रोजेक्ट था,जिसे पर्दे पर राजीव कपूर ने निभाया था। दुर्भाग्य से मेरे पिता और राजीव सर का निधन फिल्म की रिलीज से पहले ही हो गया था। हालांकि, मुझे यकीन है कि यह उनका आशीर्वाद था जिसकी वजह से आज यह जीत मिली है।"