बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान का कहना है कि उनको और परिवार को तैमूर एवं जहांगीर नाम पसंद हैं। उन्होंने पहली बार बताया कि कैसे उनके बच्चों का नाम तैमूर और जहांगीर पड़ा। करीना ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि बच्चों का नाम रखने के लिए उन्होंने एवं सैफ ने पहले से प्री-प्लानिंग नहीं की थी। न ही उनके पास बच्चों के नामों की कोई लिस्ट पहले से थी।
करीना ने साफ कहा है कि उन्होंने कोई प्लानिंग करके बच्चों का नाम तैमूर और जहांगीर नहीं रखा है। तैमूर और जहांगीर के नाम से पहले उनके पास बच्चों के नामों की कोई सूची नहीं थी। उन्होंने कहा कि हमें जहांगीर और तैमूर नाम पसंद आए और रख दिये। बता दें कि करीना और सैफ के दोनों बेटों के नामों को लेकर काफी विवाद हुआ है। जहांगीर और तैमूर नाम रखने के लिए सोशल मीडिया पर करीना और सैफ को काफी ट्रोल भी किया गया।
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करीना कपूर खान, सैफ अली खान
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2016 में जब तैमूर का जन्म हुआ था, उस वक्त इस नाम को लेकर काफी हंगामा हुआ था। लोगों का कहना था कि कोई अपने बच्चे का नाम तैमूर कैसे रख सकता है? तैमूर नाम एक तुर्क आक्रमणकारी का है, जिसने भारत पर आक्रमण कर मारकाट मचाई थी।
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करीना कपूर खान
- फोटो : Instagram
उसी तरह, जब हाल में करीना के दूसरे बेटे का नाम जहांगीर होने के बारे में पता चला, तो सोशल मीडिया पर एक बार फिर उनके परिवार के खिलाफ गु्स्सा देखने को मिला। लेकिन करीना और सैफ ने साफ कर दिया है कि उनको ट्रोलर्स से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
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करीना कपूर खान
- फोटो : Instagram
करीना कपूर खान की हाल ही में एक किताब लॉन्च हुई है। जिसमें उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी के अनुभव को विस्तार से लिखा है। इसी किताब के उद्घाटन के वक्त पहली बार लोगों को पता चला कि उनके दूसरे बेटे का नाम जेह यानी कि जहांगीर है। उन्होंने कहा कि हमें ये नाम पसंद आए और हमने बच्चों के रख दिए।
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करीना कपूर खान
- फोटो : Instagram
करीना कपूर ने अपनी किताब में लिखा है कि जब तैमूर पैदा हुआ था, उस वक्त वो उसे स्तनपान नहीं करा पाई थी। उन्होंने लिखा है कि तैमूर के पैदा होते वक्त उन्होंने 14 दिन से दूध नहीं पिया था। वहीं, जहांगीर के पैदा होने के बाद उन्होंने उसे स्तनपान कराया, जो कि एक सुखद अनुभूति थी। वहीं, सैफ अली खान ने भी इस किताब के गेस्ट कॉलम में लिखा है कि दूसरे बच्चे के पैदा होते वक्त करीना कई ज्यादा परिपक्व और मजबूद थीं।