त्योहार हो या कोई सेलिब्रेशन बॉलीवुड में हर उत्सव की रौनक अलग ही होती है लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ये उत्साह जरा फीका पड़ता नजर आ रहा है। दरअसल, इस दीपावली SC ने पटाखों को बैन के आदेश दिए हैं। जिसे लेखक चेतन भगत काफी अटपटा बता रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कई ट्वीट भी किए हैं जिन्हें आप आगे की स्लाइड्स में देख सकते हैं।
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SC के फैसले पर भड़के चेतन भगत ने पूछा, 'बकरीद पर बकरे बैन क्यों नहीं होते?'
amarujala.com- Presented by: कुशमिता राणा
Updated Tue, 10 Oct 2017 09:39 AM IST
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चेतन भगत ने इस आदेश को सुनने के बाद सबसे पहला ट्वीट किया की 'पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध? बच्चो के लिए बिना पटाखों के क्या है दिपावली?'
इसके बाद एक एक कर इस फैसले को लेकर चेतन ने कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, 'सिर्फ पटाखों पर प्रतिबंध। क्या ये हिम्मत सिर्फ हिंदू के त्योहारों पर ऐसे करने की है? बकरे की बली और मुहर्रम पर खून बहाने पर?'
SC bans fireworks on Diwali? A full ban? What’s Diwali for children without crackers?
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 9, 2017
इसके बाद एक एक कर इस फैसले को लेकर चेतन ने कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, 'सिर्फ पटाखों पर प्रतिबंध। क्या ये हिम्मत सिर्फ हिंदू के त्योहारों पर ऐसे करने की है? बकरे की बली और मुहर्रम पर खून बहाने पर?'
Can I just ask on cracker ban. Why only guts to do this for Hindu festivals? Banning goat sacrifice and Muharram bloodshed soon too?
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 9, 2017
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उन्होंने आगे लिखा, 'दिवाली पर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना बिल्कुल वैसा ही है जैसा क्रिस्मस पर क्रिस्मस ट्री और बकरा-ईद पर बकरे पर प्रतिबंध लगाना। इसे नियंत्रित करें प्रतिबंधित नहीं। रीतियों की कदर करें।'
इसके सात ही उन्होंने ये ट्वीट भी किया, 'आज अपने ही देश में, उन्होंने बच्चों के हाथ से फुलझड़ी भी छीन ली। हैपी दिवाली मेरे दोस्त।'
Banning crackers on Diwali is like banning Christmas trees on Christmas and goats on Bakr-Eid. Regulate. Don’t ban. Respect traditions.
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 9, 2017
इसके सात ही उन्होंने ये ट्वीट भी किया, 'आज अपने ही देश में, उन्होंने बच्चों के हाथ से फुलझड़ी भी छीन ली। हैपी दिवाली मेरे दोस्त।'
आज अपने ही देश में, उन्होंने बच्चों के हाथ से फुलझड़ी भी छीन ली। हैपी दिवाली मेरे दोस्त।
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 9, 2017
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हालांकि इसके बाद कई यूजर्स ने उनका सपोर्ट किया तो कई ने इसपर पटलवार किया। एक यूजर ने SC के आदेश का समर्थन करते हुए लिखा दिवाली रोशनी का त्योहार है न कि पटाखों से होने वाले प्रदूषण का। इस ट्वीट का जवाब देते हुए चेतन ने लिखा, ये साल भर में एक दिन आता है और हमारा सबसे बड़ा त्योहार है। उबेर ने सबसे ज्यादा प्रदूषण को कम किया जितना किसी प्रतिबंध से नहीं किया जा सकता है। बदलावों को अपनाएं न की प्रतिबंधों को।
It is one day of the year. Our biggest festival. Uber has saved pollution more than any ban would. Come up with innovations. Not bans. https://t.co/1XfDHatBjW
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 9, 2017
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हालांकि ये सिलसिला काफी लंबा चला।
Diwali one day a year is causing disorders? Or unchecked polluters who pollute everyday? https://t.co/zbv4wMqDje
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 9, 2017