विक्की कौशल और आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म 'राजी' के लेखक हरिंदर सिक्का निर्माता और निर्देशकों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस फिल्म ने उनकी कहानी के साथ न्याय नहीं किया है। उनका कहना है कि अगर फिल्म उनकी कहानी के हिसाब से चलती तो पक्का राष्ट्रीय पुरस्कार पाती। मुंबई में आयोजित हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
फिल्म 'राजी' के लेखक का आरोप, 'मेरी कहानी के साथ खिलवाड़ हुआ है'
दर्शकों और समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्म 'राजी' हरिंदर सिक्का की लिखी हुई किताब 'कॉलिंग सहमत' पर आधारित है। वह फिल्म में दिखाए गए 'तिरंगा सीन' में हुई चूक से नाखुश हैं, जोकि 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध की सच्ची घटना पर आधारित है। यह कहानी एक जवान कश्मीरी लड़की सहमत के आसपास घूमती है, जो अपने देश के लिए एक पाकिस्तानी अफसर से शादी करके एक जासूस का किरदार निभाती है।
सिक्का ने कहा, 'किताब की कहानी के अंत में सहमत तिरंगे को सलाम करती है। मैंने निर्देशक से कहा था कि आप अगर इस सीन को काटोगे तो यह फिल्म राष्ट्रीय पुरस्कार पाने से वंचित रह जायेगी। हालांकि, यह फिल्म निर्माताओं की मर्जी से हुआ था, लेकिन मैं अभी भी इससे नाराज हूं।
किताब के बारे में बात करते हुए हरिंदर कहते हैं, 'मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जिसने कभी कोई किताब नहीं लिखी। और मेरी पहली किताब 'कॉलिंग सहमत' की लगभग पांच लाख प्रतियां बिकीं। सहमत ने मुझे जीने का तरीका सिखाया। हम बड़ी आसानी से सभी कश्मीरी मुस्लिमों को आतंकवादी कहकर एक ही तराजू में तोल देते हैं।'
वह आगे कहते हैं, 'हमें समझना चाहिये कि कोई मां अपने बच्चे के बस्ते में कंकड़ भरना नहीं चाहेगी। कश्मीर में आतंकवाद को बहुत लंबे समय से फंडिंग मिल रही है, लेकिन बहुत से कश्मीरी ऐसे भी हैं जो अपनी पूरी जिंदगी अपने देश पर न्यौछावर करने के लिए तैयार हैं। धारा 370 हटने से वहां बहुत से बदलाव आए हैं। मेरी अगली किताब उसी पर आधारित होगी और उसकी प्रेरणा फिर से सहमत है।'
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