हिंदी सिनेमा में निर्देशक सुधीर मिश्रा की फिल्म ‘इस रात की सुबह नहीं’ से शुरू हुई मेट्रो शहरों में पनपने वाली अपराध दुनिया की नई तस्वीर खींचने वाली फिल्मों की लहर को आगे ले जाने में निर्माता निर्देशक राम गोपाल वर्मा का योगदान उल्लेखनीय रहा है। ‘शिवा’, ‘सत्या’, ‘रंगीला’, ‘कंपनी’ और ‘सरकार’ जैसी एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्मे देने वाले राम गोपाल वर्मा बीते एक दशक से मुख्यधारा की सिनेमा से विरत होकर फिल्में बना रहे हैं। कोरोना संक्रमण काल में वह मुंबई छोड़ गोवा में जा बसे। और, अब फिर से हिंदी सिनेमा के कारोबार में लौट रहे हैं दो युवतियों की समलैंगिक प्रेम की कहानी 'डैंजरस' लेकर। राम गोपाल वर्मा हैदराबाद से हैं। और, इन दिनों अपनी नई फिल्म से ज्यादा चर्चा में हैं हिंदी सिनेमा बनाम दक्षिण सिनेमा विवाद में घी डालने को लेकर। उन्होंने शनिवार को सीधा हमला बोला हिंदी सिनेमा की सामग्री को लेकर और कहा कि हिंदी सिनेमा में वह दम नहीं है जो दक्षिण जाकर वहां की फिल्मों को टक्कर दे सके।
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राम गोपाल वर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
अपनी नई फिल्म 'डैंजरस' की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम गोपाल ने कहा, ‘अस्सी के दशक में अमिताभ बच्चन की फिल्मों को कॉपी करके साउथ में बहुत सारे स्टार्स बने। उन दिनों मारधाड़ वाली एक्शन फ़िल्में बना करती थी। फिर नब्बे के दशक में संगीत प्रधान फिल्में बनने लगीं और उसके बाद सब हिंदी फिल्म निर्माता अपने अपने हिसाब से सिनेमा बनाने लगे। लेकिन, साउथ में शुरू से ही मसाला फिल्में बनती रहीं जो अपनी जड़ों से जुडी हुई हैं इसलिए न सिर्फ साउथ के बल्कि हर जगह के दर्शक ऐसी फिल्मो को पसंद कर रहे हैं।’
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राम गोपाल वर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
हिंदी बनाम साउथ के मुकाबले पर राम गोपाल वर्मा कहते हैं, ‘बॉलीवुड के लोगों को उनके जैसी फिल्में बनाने से रोक कौन रहा है? अगर साउथ की डब फिल्में यहां चल रही हैं तो यहां के स्टार साउथ भी साउथ जाएं औप अपनी फिल्में डब करके वहां रिलीज करें। हिंदी की फिल्मों को तेलुगू और कन्नड़ जैसी भाषाओं में डब करें और प्रभास, राम चरण, अल्लू अर्जुन और यश की फिल्मों से ज्यादा वह अपनी फिल्मों का कलेक्शन वहां करके बताएं। लेकिन, यहां के स्टार्स में वो दम नहीं कि साउथ में जाकर फिल्में रिलीज करें क्योंकि उनके पास साउथ की फिल्मों जैसा कंटेंट नहीं है।’
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‘आरआरआर’ में अजय देवगन
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गौरतलब है कि तमाम बुलावों के बावजूद बॉलीवुड के कलाकार साउथ की फिल्मों में कैमियो के किरदारों से आगे बढ़ते नजर नहीं आ रहे हैं। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'आरआरआर' में अजय देवगन कैमियो रोल में नजर आए। इस फिल्म में आलिया भट्ट की भी बहुत छोटी सी भूमिका थी। हाल ही में रिलीज हुई साउथ की फिल्म ”मराक्कर” में सुनील शेट्टी एक छोटा सा रोल करते हुए दिखाई दिए।
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शाहरुख खान, सलमान खान
- फोटो : सोशल मीडिया
शाहरुख़ खान भी तमिल स्टार विजय की अगली फिल्म में कैमियो करते नजर आएंगे। सलमान खान पहले से ही सुपरस्टार चिरंजीवी की फिल्म ‘गॉडफादर’ में कैमियो करने को हां कर चुके हैं। वहीं, हिंदी भाषी राज्यों में बीते कई साल से अपनी फिल्में हिंदी में डब करके रिलीज करते रहे दक्षिण के सुपरसितारों की न सिर्फ हिंदी भाषी राज्यों में धमक बढ़ी है बल्कि तेलुगू सिनेमा ने सालाना कारोबार में भी हिंदी सिनेमा को मात दे दी है।