'इस इलाके में नए आए हो बरखुर्दार, वरना यहां शेर खान को कौन नहीं जानता...' पढ़कर आप समझ ही गए होंगे ये किसके वाक्य हैं। दरअसल, यह महज एक बात नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता प्राण का वो आइकॉनिक डायलॉग है, जो लोगों के जहन के किसी कोने में अब भी जगह बनाए हुए है। प्राण फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम रहे। उनको खलनायक बनकर जो प्रसिद्धी मिली शायद वो किसी को हीरो बनकर भी नहीं मिलती। कहा जाता है कि उनकी जबरदस्त खलनायिकी का ये कमाल था कि कोई मां अपने बेटे का नाम प्राण नहीं रखना चाहती थी। फिल्म इंडस्ट्री में उनका लगभग छह दशक लंबा करियर रहा और इस दौरान उन्होंने साढ़े तीन सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया। आज हम आपको उनके जीवन के ऐसे ही कुछ किस्सों को बताने जा रहे हैं।
2 of 9
प्राण
- फोटो : Social media
विलेन के अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों में दहशत पैदा करने वाले प्राण ने अभिनेता बनने के बारे में सपने में भी नहीं सोचा था। आजादी से पहले 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में जन्में प्राण मैट्रिक की पढ़ाई करने के बाद फोटोग्राफर बनना चाहते थे। दिल्ली की एक कंपनी में प्राण फोटोग्राफी का काम करने भी लगे थे। उनको इस समय काम के 50 रुपये मिलते थे। वह एक फोटोग्राफर के असिस्टेंट बने थे। इसी दौरान कंपनी ने उन्हें लाहौर कार्यालय भेजा।
3 of 9
प्राण
- फोटो : Social media
एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लेखक वली मोहम्मद से हुई। वली मोहम्मद उस समय 'यमला जट' नाम से एक पंजाबी फिल्म बना रहे थे। इस फिल्म का एक कैरेक्टर प्राण से मिल रहा था। लेखक ने ये प्रस्ताव प्राण को दिया, लेकिन प्राण ने इस बात को हल्के में लिया। बाद में वली मोहम्मद के कहने पर फिल्म में बतौर खलनायक काम करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद प्राण ने लगभग छह दशकों तक खलनायिकी की लंबी पारी खेली।
4 of 9
प्राण, अमिताभ बच्चन
- फोटो : Social media
उस जमाने में हर अभिनेता का अपना तकिया कलाम होता था। उनके इस डायलॉग पर फैंस दीवाने हो जाया करते थे। प्राण का भी तकिया कलाम था। वो बात-बात पर 'बरखुर्दार' बोला करते थे। बॉलीवुड में प्राण की इतनी डिमांड थी कि उन्हें अभिनेता से ज्यादा पैसे मिला करते थे। फिल्म 'डॉन' इसका सटीक उदाहरण है, जिसमें उन्हें अमिताभ बच्चन से ज्यादा पैसे मिले थे।
अपने अभिनय के दौरान प्राण विलेन के किरदार से भी बाहर निकले। इसका जिम्मा उठाया था मनोज कुमार ने। फिल्म 'उपकार' में प्राण को मलंग चाचा का किरदार मिला। मलंग चाचा का ये किरदार प्राण के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हो गया। प्राण ने इस किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि उन्हें इसके लिए पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। एक तरफ प्राण के किरदार से लोग खौफ खाते थे तो दूसरी ओर 'उपकार' के मंगल चाचा, 'जंजीर' के शेर खान और 'परिचय' में नरम दिल दादा जी के किरदार से दर्शकों के दिलों को भी छू लिया था।