रवि किशन आज न सिर्फ अपने अभिनय से भोजपुरी सिनेमा के बड़े सितारे बन चुके हैं बल्कि उन्होंने हिंदी सिनेमा और साउथ सिनेमा में भी कई अलग-अलग किरदार निभाकर अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। रवि किशन को आज के समय में भोजपुरी सिनेमा का अमिताभ बच्चन कहा जाता है। लेकिन एक समय ऐसा था जब रवि किशन के पास न तो फिल्में थीं और न ही रहने का कोई ठिकाना। अभिनय करने का सपना दिल में लिए हुए रवि किशन सिर्फ 500 रुपए लेकर मुंबई आए थे। कई बेहतरीन कलाकारों की तरह रवि किशन का भी अपना एक संघर्ष रहा है। आज इस आर्टिकल में हम आपको उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बाते बताएंगे।
सफरनामा: मुंबई आने के लिए मां ने दिए थे रवि किशन को पैसे, पिता नहीं चाहते थे अभिनय की दुनिया में आए बेटा
500 रुपए लेकर भाग आए थे रवि किशन
रवि किशन बचपन से ही अमिताभ बच्चन के बड़े प्रशंसक रहे हैं। वो उनकी लगभग हर फिल्म देखते थे। उन्हें अभिनय का बुखार कुछ इस कदर चढ़ा कि वो रामलीला में सीता का किरदार निभाने लगे। लेकिन उनके पिता को उनका अभिनय करना पसंद नहीं आया। रवि किशन ने खुद एक इंटरव्यू में ये खुलासा किया था कि अभिनय के शौक की वजह से कई दफा उन्हें पिता से मार भी खानी पड़ी है। पिता के न मानने पर 17 साल के रवि किशन मां से 500 रुपये लेकर मुंबई भाग आए। रवि किशन ने ये बताया था कि उनकी मां ने उनके सपनों का हमेशा समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि ये पैसे उनकी मां ने ही उन्हें दिए थे।
पीतांबर से की थी शुरुआत
500 रुपए लेकर मुंबई आए रवि किशन उसी चॉल में रहे जहां उनका परिवार पहले रहता था। फिल्म जगत में संघर्ष करते हुए उन्हें साल 1992 में बी-ग्रेड की फिल्म 'पीतांबर' में काम करने का मौका मिला। हालांकि इसके बाद भी उन्हें अपने सपनों के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। रवि किशन की किस्मत के सितारे तब चमके जब उन्हें सलमान खान की फिल्म 'तेरे नाम' ऑफर हुई। फिल्म में उन्होंने भूमिका चावला के मंगेतर का किरदार निभाया। उनके किरदार को फिल्म में काफी पसंद किया गया। इसके अलावा उन्होंने मुक्ति, शेयर बाजार, अग्नि मोर्चा जैसी कई फिल्मों में काम किया।
अलग-अलग भाषा की फिल्मों में किया काम
आज के समय में रवि किशन किसी भी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वो न सिर्फ हिंदी बल्कि भोजपुरी और साउथ सिनेमा में भी लगातार सक्रिय हैं। हिंदी फिल्मों में उन्होंने अधिकतर सह-कलाकार के रूप में काम किया तो वही साउथ में वो एक बड़े विलन के रूप में उभरे। इसके अलावा भोजपुरी सिनेमा के रवि किशन नंबर 1 स्टार हैं। उन्हें भोजपुरी सिनेमा का अमिताभ बच्चन भी कहा जाता है। उनकी हिंदी फिल्म 'बूंदी-रायता' और भोजपुरी में राधे और सबसे बड़ा चैम्पियन का प्री-प्रोडक्शन वर्क चल रहा है।
आज मुंबई में है खुद का घर
पिता का बिजनेस बंद होने के बाद एक समय पर रवि किशन को मुंबई छोड़कर अपने गांव लौटना पड़ा था। हालांकि रवि किशन ने अपने सपनों का पीछा कभी नहीं छोड़ा। मुंबई में आकर एक चॉल में रहने वाले रवि किशन का आज मुंबई के गोरेगांव इलाके में स्थित एक बिल्डिंग में 14वें फ्लोर पर खुद का घर है। रवि ने दो डुप्लेक्स को मिलाकर एक घर बनाया है, जिसका साइज 8 हजार वर्गफीट है। इस घर में 12 बेडरूम, डबल हाइट की छत वाला टैरेस और एक जिम के अलावा भी बहुत कुछ है। लेकिन इस सफलता को हासिल करने के लिए रवि किशन को कड़ा संघर्ष करना पड़ा और उनके इस पूरे सफर में उनका साथ दिया उनकी पत्नी और मां ने।