अभिनेता सलमान खान की बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन एक ऐसी संस्था है जो भारत के पिछड़े और गरीब लोगों की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य का खर्च उठाती है। इस फाउंडेशन का बीइंग ह्यूमन के नाम से कपड़ों का अपना एक ब्रांड भी है जिसमें सूती कपड़ों में उपयोग होने वाले कपास के लिए बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन ने फेयर ट्रेड से साझेदारी की है जिससे 25 हजार कपास उत्पादन करने वालों किसानों को फायदा होगा।
2 of 4
बीइंग ह्यूमन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फेयर ट्रेड यानी कि निष्पक्ष व्यापार एक ऐसी व्यवस्था है जो विकासशील देशों में उत्पादकों को टिकाऊ और न्यायसंगत व्यापार संबंध हासिल करने में मदद करने के लिए बनाई गई है। यह बेहतर सामाजिक और पर्यावरणीय मानकों के साथ निर्यातकों को उच्च कीमतों के भुगतान को जोड़ता है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सलमान खान की बहन और बीइंग ह्यूमन क्लॉथिंग की प्रबंधक निदेशक अलवीरा खान अग्निहोत्री ने फेयर ट्रेड के साथ बीइंग ह्यूमन की साझेदारी को लेकर बात की। और, इस अवसर पर कर्नाटक और राजस्थान से आए कपास किसानों से मुलाकात की।
Anuradha Paudwal Exclusive: स्टूडियो के घंटे भर के सफर ने बदल दी जिंदगी, इन 10 कहानियों में 50 साल का सफरनामा
3 of 4
बीइंग ह्यूमन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फेयर ट्रेड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसी संस्था है जो किसानों के साथ जुड़ी हुई है। इस संस्था के द्वारा किसानों को उनके उत्पादों को लेकर विशेष तरीके से प्रशिक्षित किया जाता है। और, उनसे कच्चे माल़ लेकर बीइंग ह्यूमन जैसे ब्रांड को सप्लाई किया जाता है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी और इसका फायदा किसानों को प्रत्क्षय रूप से मिलेगा। अलवीरा खान अग्निहोत्री ने कहा, 'हमारा कपड़े का प्रोडक्ट कपास से बनता है। और, हम लोग फेयर ट्रेड के माध्यम से कपास से बने कॉटन की फैब्रिक लेंगे, इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।'
Rajkummar Rao: 'यह एक बड़ी जिम्मेदारी है...', इलेक्शन कमीशन का नेशनल आइकन बनने पर बोले राजकुमार राव
4 of 4
बीइंग ह्यूमन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अलवीरा खान अग्निहोत्री ने कहा, 'किसानों की सबसे बड़ी समस्या यह है की उनको सही मूल्य नहीं मिलता। हमारे देश में सबसे ज्यादा कपड़ा कॉटन का बिकता है। इस पहल से भारतीय किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। मैं समझती हूं कि आज किसानों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है। बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाने से उनके समान का उन्हें उचित मूल्य डायरेक्ट मिलेगा।'