युवा अभिनेता आयुष्मान खुराना को हिंदी सिनेमा में चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है। लोगों ने इन्हें भले ही सात-आठ साल से जानना शुरू किया हो लेकिन उन्होंने टीवी में अपनी शुरुआत वर्ष 2004 में ही रोडीज बनकर शुरू कर दी थी। फिर वह टीवी में होस्ट भी रहे और उन्हें कुछ बेहतरीन गीतों के लिए भी जाना जाता है। आयुष्मान का करियर उन लोगों को गलत ठहराता है जो कहते हैं कि बाहरियों को हिंदी सिनेमा में मौके कम मिलते हैं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी पांच हिट और पांच फ्लॉप फिल्मों के बारे में बताएंगे। अवसर शुभ है इसलिए शुरुआत करेंगे हिट फिल्मों से।
Ayushmann Khurrana Birthday: ये हैं आयुष्मान के 10 दमदार किरदार, लेकिन नतीजा इसलिए रहा फिफ्टी-फिफ्टी
विकी डोनर
हिंदी सिनेमा में आयुष्मान ने अपने करियर की शुरुआत इसी फिल्म से की। फिल्म का निर्देशन शूजित सरकार ने किया और निर्माता रहे अभिनेता जॉन अब्राहम। एक निर्माता के तौर पर जॉन अब्राहम की भी यह पहली ही फिल्म रही। इस फिल्म का विषय भी काफी चुनौतीपूर्ण है। आयुष्मान ने वैसे यहीं से साबित कर दिया था कि उन्हें किसी भी चुनौतीपूर्ण किरदार से कभी कोई परहेज नहीं रहेगा। फिल्म में उन्होंने विकी अरोड़ा, एक शुक्राणु दानकर्ता, की भूमिका निभाई है। उसके शुक्राणुओं से उन लोगों के भी आंगन में किलकारियां गूंजती हैं जिनके घर बच्चे पैदा नहीं हो रहे थे। लेकिन, सबके घर में उजाला करके वाला विकी अपना ही घर रोशन न कर सका। आयुष्मान के साथ इस फिल्म में यामी गौतम, अनु कपूर आदि कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। आयुष्मान को इस फिल्म के लिए बेस्ट मेल डेब्यू और सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया।
शुभ मंगल सावधान
आयुष्मान यह फिल्म उनके एक और चुनौतीपूर्ण अंदाज को दिखाती है। आरएस प्रसन्ना के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आयुष्मान के साथ भूमि पेडनेकर मुख्य भूमिका में हैं। कहानी एक ऐसे प्रेमी जोड़े की है जो एक दूसरे से प्यार तो बहुत करता है लेकिन जो इस जोड़े में लड़का है, वह अपने लिंग शैथिल्य से जूझ रहा है। कहीं उसके साथी को बुरा ना लगे इसलिए वह अपनी कमजोरी उसे बताता नहीं है। दोनों शादी भी कर लेते हैं। लेकिन, जब बाद में पता चलता है, तब खड़ा होता है एक नया बखेड़ा। हालांकि हैप्पी एंडिंग यहां भी है। इस फिल्म में अभिनय के लिए आयुष्मान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया।
बधाई हो
अमित रविंद्रनाथ शर्मा के निर्देशन में बनी आयुष्मान की यह फिल्म एक ब्लॉकबस्टर रही। इस फिल्म का विचार इतना अतरंगी और अतुल्य था कि लोगों ने इसके खूब मजे भी लिए और इसकी सराहना भी खूब की। आयुष्मान यहां नकुल कौशिक के किरदार में नजर आए। नकुल एक 25 साल का लड़का है जिसे अचानक से पता चलता है कि उसकी मां गर्भवती हैं और एक बच्चे को जन्म देने वाली हैं। इससे नकुल शर्मिंदगी महसूस करने लगता है। हालांकि, धीरे-धीरे उसे चीजें समझ में आने लगती हैं और दुनिया की नजर में अपने परिवार की गिरती इज्जत को बचाने में लग जाता है। इसके लिए आयुष्मान को तो कुछ नहीं मिला लेकिन इसमें उनकी मां का किरदार निभा रही अभिनेत्री नीना गुप्ता ने जरूर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार जीता।
अंधाधुन
आयुष्मान के पूरे फिल्मी करियर में जितनी ज्यादा तारीफें उनकी इस फिल्म की हुई हैं, इतनी और किसी की नहीं। यहां आयुष्मान आकाश सराफ के किरदार में नजर आए। आकाश एक पियानो वादक है जो अपनी और लोगों की खुशी के लिए जगह जगह पर गाता और बजाता है। दूसरों की नजरों में वह अंधा है लेकिन हकीकत में नहीं। अचानक से एक दिन वह अपनी आंखों से कत्ल जैसा संगीत जुर्म देख लेता है लेकिन दूसरों की नजरों में अंधा होने की वजह से वह अपनी स्थिति बयां नहीं कर पाता। हालांकि, फिर भी उसकी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इस फिल्म में आयुष्मान के साथ राधिका आप्टे और तब्बू मुख्य भूमिकाओं में हैं। यहां अभिनय के लिए आयुष्मान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया और उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के क्रिटिक्स फिल्मफेयर अवार्ड को जीता।