जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक बयान को लेकर भारत में उनके विरोध और समर्थन में विवाद बढ़ा तो मामला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान तक जा पहुंचा। नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में भीड़ द्वारा की गई हिंसा का परोक्ष हवाला देते हुए कहा था कि एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की हत्या से ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। नसीर ने कहा था कि ऐसा माहौल देख उन्हें चिंता होती है कि कहीं उनकी औलाद से कोई यह न पूछ दे कि वो हिन्दू है या मुसलमान।
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naseeruddin shah
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इसके बाद नसीरुद्दीन शाह की चौतरफा आलोचना की गई। नसीरुद्दीन के इस बयान पर देखते-देखते हंगामा खड़ा हो गया। बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने ट्वीट कर कहा कि नसीरुद्दीन देश को बदनाम कर रहे हैं। तो वहीं वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता और बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी नसीर का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी चिंता बिल्कुल जायज है।
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ashutosh rana
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अब इस कड़ी में कई नए नाम शामिल हो गए है। फिल्म डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने नसीरुद्दीन शाह का बचाव किया है। अभिनेता आशुतोष राणा ने नसीरुद्दीन शाह का बचाव करते हुए कहा है कि अपनी बात रखने पर किसी का 'सोशल ट्रायल' नहीं होना चाहिए। सभी लोगों को अपने मन की बात साझा करने का अधिकार है और स्वतंत्रता का मतलब भी यही होता है।
आशुतोष राणा ने कहा- मन की बात कहने पर इस तरह के विवाद खड़ा करने से क्या देश की अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी या आमदनी बढ़ जाएगी? इस तरह के विवाद करने से क्या रोजगार बढ़ सकता है? इसलिए हम सबको किसी के मन की बात का सोशल ट्रायल नहीं करना चाहिए बल्कि उन बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए।
बता दें जब विवाद बढ़ा तो नसीर फिर सामने आए और कहा कि उन्होंने अपनी चिंता जाहिर की थी और ऐसा करना कोई देशद्रोह नहीं होता। शाह ने कहा कि वो उस देश के प्रति चिंता जाहिर कर रहे थे, जिससे वो मोहब्बत करते हैं, यह जुर्म कैसे हो सकता है। नसीरुद्दीन के इस बयान को लेकर भारत में प्रतिक्रिया की झड़ी लग गई है। वहीं पाकिस्तानी मीडिया में नसीरुद्दीन शाह से जुड़े इस विवाद के हर पहलू को कवर किया जा रहा है।