कोरोना संक्रमण काल के बाद सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली पहली हिंदी फिल्म का ताज फिल्म ‘खाली पीली’ के सिर सज गया है। जी स्टूडियोज की इस अगली फिल्म के लिए एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। ये एडवांस बुकिंग 2 से 4 अक्टूबर तक के शोज के लिए और दिल्ली एनसीआर व बंगलूरू के ड्राइव इन थिएटर्स के लिए हो रही है।
2 of 5
खाली पीली
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सलमान खान के साथ ‘टाइगर जिंदा है’, ‘सुल्तान’ और ‘भारत’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बना चुके निर्देशक अली अब्बास जफर की बतौर निर्माता पहली फिल्म ‘खाली पीली’ उत्तर भारत में एक नया इतिहास लिखने वाली है। ये पहली फिल्म होगी जिसे गुरुग्राम में बने ड्राइव इन थिएटर में रिलीज किया जाएगा। 2 अक्टूबर से इस फिल्म के इस थिएटर में शोज शुरू होने जा रहे हैं।
3 of 5
खाली पीली
- फोटो : ट्विटर
‘खाली पीली’ देश की पहली सीधे लोगों के घरों में रिलीज होने वाली भी पहली फिल्म बनने जा रही है। इशान खट्टर और अनन्या पांडे स्टारर इस फिल्म को लोग अपने घरों में टेलीविजन के साथ लगे सेट टॉप बॉक्स के जरिए भी ऑर्डर कर पाएंगे और सिनेमाघरों के साथ ही इसे अपने घर बैठे भी देख पाएंगे। इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं है तो उम्मीद जताई जा रही है कि हिंदी सिनेमा के लिए ये पहले आने वाले समय में कारोबार का एक नया क्षेत्र खोल सकती है।
4 of 5
खाली पीली
- फोटो : Instagram- ishaankhatter
इंटरनेट के सहारे मनोरंजन की दुनिया देखने वालों को भी ‘खाली पीली’ अपने मोबाइल और लैपटॉप पर देखने को मिलेगी। ये फिल्म देश विदेश में डिजिटल दुनिया में सिर्फ जी5 पर रिलीज हो रही है। टेलीविजन दर्शक इसे अपने किसी भी सेवा प्रदाता कंपनी के जरिए खरीद सकेंगे। ड्राइव इन थिएटर में फिल्म को देख पाना उत्तर भारत के दर्शकों के लिए एक अलग आकर्षण होगा। इन थिएटर्स में लोग अपनी कार में बैठे बैठे ही फिल्म देख सकेंगे और उनको तमाम सुख सुविधाएं वहीं कार में बैठे बैठे ही उपलब्ध हो सकेंगी।
5 of 5
खाली पीली
- फोटो : Instagram- ishaankhatter
गुरुग्राम के सेक्टर 59 स्थित बैकयार्ड स्पोर्ट्स क्लब के अलावा एक और ड्राइव इन थिएटर देश में 2 अक्टूबर से बंगलुरू के फीनिक्स मार्केटसिटी में खुलने जा रहा है जहां फिल्म ‘खाली पीली’ के अलावा दक्षिण भारतीय फिल्म ‘का पे रणसिंघम’ भी दिखाई जाएगी। दोनों थिएटर्स की एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। ड्राइव इन थिएटर्स दरअसल एक बड़े मैदान में विशालकाय पर्दा लगा कर बनाए जाते हैं। जहां लोग अपनी कारें खड़ी कर उनमें बैठे बैठे ही फिल्में देखते हैं। खाने पीने का और दूसरा सामान भी दर्शकों को कार में बैठे बैठे ही मुहैया कराया जाता है।