मशहूर सरोद वादक अमजद अली खान आज अपना 77वां जन्मदिन मना रहे हैं। अमजद अली वर्ष 1960 से सरोद वादन में सक्रिय हैं। इन्हें संगीत के क्षेत्र में प्रतिभा विरासत में मिली। बता दें कि अमजद अली खान का जन्म ग्वालियर में संगीत के 'सेनिया बंगश' घराने की छठी पीढ़ी में हुआ। इनके पिता उस्ताद हाफिज अली खान ग्वालियर राज-दरबार में प्रतिष्ठित संगीतज्ञ थे। लिहाजा, अमजद अली खान को भी बचपन से ही संगीत का माहौल मिला। यही वजह है कि इन्होंने 12 वर्ष की उम्र में ही पहली प्रस्तुति दे दी थी। आइए जानते हैं इनके बारे में...
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Amjad Ali Khan
- फोटो : सोशल मीडिया
अमजद अली खान का जन्म 9 अक्तूबर 1945 को ग्वालियर में हुआ। इन्होंने महज 12 वर्ष की उम्र में एकल सरोद वादन की पहली सार्वजनिक प्रस्तुति दी थी। एक छोटे से बालक की सरोद पर अनूठी लयकारी और तंत्रकारी सुन कर दिग्गज संगीतज्ञ दंग रह गए थे। अमजद अपने पिता के ही शिष्य थे, जिन्होंने सेनिया घराना सरोद वादन में परंपरागत तरीके से तकनीकी दक्षता हासिल की। भारत और विदेश के इन व्यापक प्रदर्शनों को काफी न पाकर अमजद अली ने शास्त्रीय संगीत में बदलाव के गायन एवं वाद्य संगीत की रचना की।
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Amjad Ali Khan-Subhalakshmi
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अमजद अली खान ने भरतनाट्यम नृत्यांगना शुभालक्ष्मी के साथ शादी की। अमजद अली खान और शुभालक्ष्मी की शादी काफी चर्चा में रही और उनकी यह कहानी काफी दिलचस्प रही है। बताया जाता है कि अमजद अली खान को पहली बार शुभालक्ष्मी ने कोलकाता में 1974 में कला संगम कार्यक्रम में स्टेज परफॉर्मेंस करते हुए देखा था। कार्यक्रम के बाद दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के घर हुई। उसके बाद उनकी बात आगे बढ़ी और शादी के लिए लंबे इंतजार के बाद साल 1976 में शादी की। इनके दो बेटे हैं।
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Amjad Ali Khan
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रिपोर्ट्स के मुताबिक अमजद अली खान ने वर्ष 1963 में पहली बार अमेरिका की यात्रा की थी। तब उनकी उम्र सिर्फ 18 वर्ष थी। इस यात्रा में पंडित बिरजू महाराज के नृत्य-दल की प्रस्तुति के साथ अमजद अली खान का सरोद-वादन भी हुआ था। संगीत के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए अमजद अली खान को रोस्टम पुरस्कार, यूनेस्को पुरस्कार, कला रत्न पुरस्कार, पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और तानसेन सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।