हेपेटाइटिस बी वायरस से संक्रमित लोगों के प्रति समाज में बढ़ती दुर्भावना को लेकर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपना दिल खोलकर रख दिया है। मुंबई के एक समारोह में उन्होंने कहा, ‘इस बीमारी की वजह से जो व्यवहार लोगों के साथ होता है, वह मुझे बहुत दुखी करता है।
बिग बी ने कहा- 'मुझे पता चला कि इसकी वजह से तमाम महिलाओं को घर से निकाल दिया जाता है। बहुत से देश भी ऐसे हैं जहां पता चले कि आपके शरीर में ये वायरस है तो देश में नहीं घुसने दिया जाता, लेकिन, अगर मेरी सूरत और मेरी आवाज, इस अन्याय के खिलाफ काम कर सकती है तो मैं अवश्य इसमें सहयोग देना चाहूंगा।’
बिग बी यहीं नहीं रुके, उन्होंने बहुत ही संजीदा होते हुए कहा, ‘मैं हेपेटाइटिस बी का मरीज हूं। परेशान हो रहा हूं लेकिन मैं जीवित हूं। मेरा 75 फीसदी लीवर खराब हो चुका है लेकिन मैं 25 फीसदी पर भी जिंदा हूं। मुझे बताया गया है कि अगर आपका लीवर 12 फीसदी भी ठीक है तो लोग जीवित रह सकते हैं।
उन्होंने कहा- मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं, कि मुझे किसी काम या दिनचर्या में मुझे कोई भी तकलीफ नहीं होती। मैं काम करता हूं, एक साधारण जीवन बिता रहा हूं, जहां भी बुलाया जाता है, मैं वहां जाता हूं।’ अमिताभ बच्चन ने इस दौरान पोलिया मुक्त भारत में अपने योगदान की चर्चा की और कहा टीबी के खिलाफ चले अभियान में भी वह शामिल रहे हैं।
अपने खुद के टीबी का मरीज रहने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के हित के हर काम के लिए वह तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान चलाने वालों को ये भी देखना चाहिए कि उनकी आवाज या उनकी वीडियो का असर कितना पड़ रहा है, अगर मुझे अभियान चलाने वाले ये भी बताते रहें तो उन्हें संतोष मिलेगा।