'सर', 'सड़क' और 'राजी' जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं आलिया भट्ट (Alia Bhatt) की मां सोनी राजदान (Soni Razdan) किसी पहचान की मोहताज नहीं है। सोनी राजदान हर मुद्दे पर बेबाकी से राय रखने के लिए भी जानी जाती हैं। सोनी की जल्द ही 'नो फादर्स इन कश्मीर' फिल्म आने वाली है। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान सोनी राजदान ने ऐसी बात कह दी जिससे उनका बयान चर्चा में आ गया।
2 of 5
Alia Bhatt and Soni Razdan
- फोटो : file photo
सोनी राजदान ने कहा- 'जब भी मैं कुछ बोलती हूं तो ट्रोल का हिस्सा बन जाती हूं। मुझे देशद्रोही कहा जाता है। कभी-कभी सोचती हूं कि मुझे पाकिस्तान ही चले जाना चाहिए। वहां पर ज्यादा खुश रहूंगी। वहां खाना भी बहुत अच्छा है। आप लोगों ने ही ट्रोल कर कहा कि पाकिस्तान जाओ, इसलिए पाकिस्तान जाऊंगी।'
3 of 5
Soni Razdan
- फोटो : amar ujala
सोनी ने आगे कहा - 'मैं अपनी मर्जी से पाकिस्तान छुट्टियां मनाने जाऊंगी।' इस इंटरव्यू में सोनी ने यह भी कहा कि उन्हें ट्रोलर्स के पाकिस्तान भेजने वाली बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। इसके साथ ही सोनी राजदान ने देश के मौजूदा हालात पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। सोनी ने कहा- 'मैं भारत के पूरी तरह हिंदू देश बनने के खिलाफ हूं। पाकिस्तान में मिला जुला कल्चर नहीं है, इसी वजह वह बेहतर देश नहीं बन सका।'
4 of 5
No Fathers In Kashmir poster
- फोटो : twitter
सोनी राजदान की फिल्म 'नो फादर्स इन कश्मीर' (No Fathers in Kashmir) 5 अप्रैल को रिलीज हो रही है। इस फिल्म में सोनी राजदान के अलावा इअश्विन कुमार, अंशुमान झा और कुलभूषण खरबंदा सहित कई बड़े कलाकार हैं। इस फिल्म में नूर की कहानी दिखाई गई है। नूर एक एक ब्रिटिश भारतीय है जो अपने लापता पिता का पता लगाने के लिए कश्मीर वापस आता है। वहां पर वह माजिद से दोस्ती करता है। फिल्म में दिखाया जाएगा कि माजिद किस तरह से उसके पिता को खोजने के लिए मदद करता है।
5 of 5
Alia Bhatt Soni Razdan
- फोटो : amar ujala
फिल्म की एक टैगलाइन है 'हर कोई सोचता है कि वो कश्मीर को जानता हैं', फिल्म कश्मीरी लोगों की वास्तविकताओं और उनकी असली कहानियों को दिखाने का प्रयास करती है। इस फिल्म के डायरेक्टर अश्विन कुमार पहले दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते चुके हैं। फिल्म 'नो फादर्स इन कश्मीर' को 8 महीने बाद यूए सर्टिफिकेट दिया गया है। सेंसर सर्टिफिकेट पाने के लिए जुलाई 2018 में पहली बार फिल्म को फाइल किया गया था। अपनी फिल्म को इंसाफ दिलाने के लिए निर्माताओं और कलाकारों को 8 महीने, छह स्क्रीनिंग्स और सात सुनवाइयों तक इंतजार करना पड़ा। फिलहाल यह फिल्म रिलीज के लिए अब तैयार है।