हिंदी सिनेमा को कई हिट फिल्में देने वाले निर्देशक अली अब्बास जफर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गुरुवार को अपने प्रशंसकों से रूबरू होंगे। अमर उजाला अपने पाठकों को अली अब्बास जफर से मिलने का मौका दे रहा है। इसके लिए अमर उजाला मास्टरक्लास विद अली अब्बास जफर नामक कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। इस मौके पर चलिए आपको अली अब्बास जफर के बारे में कुछ खास बाते बताते हैं।
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Ali Abbas Zafar
- फोटो : file photo
37 वर्षीय अली अब्बास जफर मूलत: देहरादून के रहने वाले हैं। उनका जन्म 17 जनवरी 1982 को हुआ। उनके पिता सेना में थे। अली अब्बास जफर ने अपनी स्कूल की पढ़ाई देहरादून से की। इसके बाद वो दिल्ली पहुंचे। जहां उन्होंने किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। अली अब्बास जफर को बचपन से फिल्में देखने का शौक था। अपने इसी शौक के चलते वो दिल्ली में थिएटर से जुड़े और फिर मुंबई पहुंचे।
जफर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर की। साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म 'मैरीगोल्ड' में जफर असिस्टेंट डायरेक्टर थे। 'मैरीगोल्ड' में सलमान खान और अमेरिकी अभिनेत्री अली लार्टर की मुख्य भूमिका थी। इसके बाद वो यशराज फिल्म्स से जुड़े। फिल्म 'झूम बराबर झूम', 'टशन', 'न्यूयॉर्क' और 'बदमाश कंपनी' में जफर असिस्टेंट डायरेक्टर थे।
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- फोटो : Social Media
जफर की पहली निर्देशित फिल्म साल 2011 में रिलीज हुई 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' है। रोमांटिक कॉमेडी इस फिल्म में इमरान खान, कटरीना कैफ और अली जफर की मुख्य भूमिका है जबकि आदित्य चोपड़ा ने इसे प्रोड्यूस किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी। साल 2014 में उन्होंने रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर और प्रियंका चोपड़ा को लेकर फिल्म 'गुंडे' बनाई। फिल्म को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों की भी सराहना मिली। यह फिल्म भी यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी थी।
जफर की अगली ब्लॉकबस्टर फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई 'सुल्तान' थी। सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी यहीं से शुरू हुई। फिल्म ने वर्ल्डवाइड 600 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया। इसके अगले ही साल 2017 में फिल्म 'टाइगर जिंदा है' से अली अब्बास जफर और सलमान की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर एक बार फिर से धमाल मचा दिया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 565 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया।