हिंदी सिनेमा में ऐसी
कई हीरोइनें रही हैं जिन्होंने अपने अपने दौर में ना सिर्फ फिल्मी परदे पर राज किया बल्कि लोगों को भी अपनी
बेहतरीन एक्टिंग से खूब लुभाया, लेकिन एक हीरोइन ऐसी रही जिसने अपने दमदार अभिनय और खूबसूरती का ऐसा जादू बिखेरा कि सभी देखते रह गए।
ये हीरोइन थीं नजीमा, जिन्होंने ज्यादातर फिल्मों में या तो हीरो की बहन का किरदार निभाया या फिर हीरोइन की दोस्त..लेकिन इन किरदारों के जरिए भी नजीमा ने अपने लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया था कि बाकी हीरोइनें भी डर गईं थीं।
नजीमा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने 'जिद्दी', 'आरजू', 'अप्रैल फूल', 'आये दिन बहार के', 'औरत' और 'वही लड़की' जैसी कई फिल्मों में काम किया। ज्यादातर फिल्मों में चूंकि वो बहन के किरदार में ही नजर आईं इसलिए वो 'बॉलीवुड की बहन' के नाम से भी मशहूर हो गईं।
नजीमा अपने करियर ग्राफ से खुश तो थीं, लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें इस बात का मलाल था कि फिल्ममेकर उनमें लीड हीरोइन वाले गुण नहीं देख पा रहे थे। जब भी नजीम को कोई फिल्म ऑफर होती उसमें उन्हें बहन का रोल थमा दिया जाता...शायद इसलिए क्योंकि उन किरदारों में नजीमा कभी असफल नहीं रहीं और तमाम अवॉर्ड जीते, लेकिन नजीमा के मन तो लीड हीरोइन बनने की हसरत थी। पर कहते हैं ना कि मजबूरी इंसान से क्या से क्या नहीं करा देती।
नजीमा के साथ भी कुछ ऐसा ही था...ना चाहते हुए भी नजीमा को बहनों के किरदार करने पड़ रहे थे। जो भी फिल्में उन्हें मिल रहीं थीं वो उन्हें कर रहीं थीं..सिर्फ इसलिए कि कहीं वो बेरोजगार ना हो जाएं...कहीं फिल्म इंडस्ट्री उन्हें भूल ना जाए।