अपनी लीक से हटकर भूमिकाओं के चलते लगातार लोगों का ध्यान आकर्षित करते रहने वाली अभिनेत्री भूमि पेडनेकर को एक बड़ा वैश्विक सम्मान हासिल हुआ है। भूमि के जलवायु परिवर्तन की दिशा में लोगों को लगातार जागरूक करते रहने के प्रयासों को वैश्विक पहचान मिली है और इन्हें अब संयुक्त राष्ट्र की पूर्व जलवायु प्रमुख क्रिस्टियाना फिगरर्स की अगुआई में चलने वाली पहल का हिस्सा बनाया गया है।
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
‘काउंट अस इन’ नामक इस वैश्विक नागरिक पहल की शुरूआत दुनिया के तमाम उन संगठनों ने मिलकर ही है जो अलग अलग देशों में जलवायु परिवर्तन के कारकों, कारणों और इसके निदानों पर लगातार काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की पूर्व जलवायु प्रमुख क्रिस्टीयाना फिगरर्स इसमें एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं। इस संगठन ने भूमि को अपना प्रतिनिधि बनाया है।
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जलवायु परिवर्तन मुद्दे पर लगातार काम कर रहे इस संगठन ‘काउंट अस इन’ के साथ जुड़कर भूमि भारतीयों को अपना कार्बन फुटप्रिंट घटाने के लिए शिक्षित एवं प्रेरित करने के लिए काम करेंगी। भूमि का अपना संगठन ‘क्लाइमेट वारियर’ भी इस मुहिम से जुड़ रहा है। इस बारे में बात करने पर भूमि कहती हैं, “पर्यावरण को संरक्षित करना मेरी जिंदगी का मिशन बन चुका है और मैं जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता पैदा करने के लिए ‘काउंट अस इन’ के साथ भागीदारी करके प्रसन्न हूं।”
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : file photo
भूमि कहती हैं, “मैं इस मुद्दे पर क्रस्टियाना के साथ अपने देश में काम करने की उत्सुक हूं। मेरा मानना है कि भारत के युवाओं के लिए इस नाजुक मसले को लेकर खड़ा होना और आगे कदम बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है। हम सबको हाथ मिला कर चलना होगा और अपनी धरती की रक्षा करने की दिशा में लगातार काम करना होगा, क्योंकि ईमानदारी की बात तो यह है कि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।“
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
‘काउंट अस इन’ की योजना के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए भूमि इस बारे में क्रिस्टियाना फिगरर्स की कही बातों का हवाला देते हुए बताती हैं, "विज्ञान ने जो करना जरूरी बताया है, उस पर अमल करने के लिए हमारे पास एक दशक से भी कम का वक्त बचा है, और वह काम है- वर्ष 2030 तक उत्सर्जन को आधा करना।” जलवायु परिवर्तन को लेकर ऐतिहासिक पेरिस समझौता क्रिस्टियाना फिगरर्स की देखरेख में ही संपन्न हुआ था।