बीते दिनों दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सीमित उपस्थिति के कारण 50 से ज्यादा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं ने समारोह का बहिष्कार किया।
फिल्म 'न्यूटन' में असिस्टेंट कमांडेंट आत्मा सिंह का किरदार निभाने वाले बिहार के एक्टर पंकज त्रिपाठी को उनकी एक्टिंग के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया है। हालांकि उन्हें ये पुरस्कार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथ से नहीं बल्कि सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के हाथ से मिला।
NDTV को दिए इंटरव्यू में पंकज त्रिपाठी ने इस समारोह से जुड़ी कई बातें शेयर की। जब उनसे पूछा गया कि राष्ट्रपति के हाथों ‘राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’ ना मिलने पर आपको कैसा लगा? इसके जवाब में पंकज त्रिपाठी ने कहा, मेरे लिए सम्मान अहम है। चाहे इसे राष्ट्रपति दें या मंत्री।
जब उनसे पूछा गया कि आपको कब पता लगा कि ये सम्मान राष्ट्रपति के हाथ से नहीं बल्कि सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के हाथ से मिलेगा। इस पर पंकज त्रिपाठी ने मजाकिया लहजे में कहा, हम तो दूल्हा बनकर आ गए थे, कन्यादान कोई भी कर देता। यहां पुरस्कार मायने रखता है।
बिहार के बरौली में जन्में और संजीदा अभिनय के लिए मशहूर पंकज त्रिपाठी 'बरेली की बर्फी', 'निल बटे सन्नाटा' और 'फुकरे' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। पंकज त्रिपाठी ने अपनी एक्टिंग के दम पर बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बनाई है।