इम्तियाज अली ने 2005 में फिल्म ‘सोचा न था’ से फिल्म निर्देशन में कदम रखा था। इस फिल्म में अभय देओल और आइशा टाकिया ने अहम किरदार निभाया था। आज इस फिल्म को रिलीज हुए 14 साल हो गए है। इस फिल्म को धर्मेंद्र ने प्रोड्यूस किया था।
फिल्म 'सोचा ना था' में वीरेन और अदिति गोवा की यात्रा करते हैं और प्यार में पड़ जाते हैं। कई मायनों में ये आज भी बहुत खास और मासूम फिल्म मानी जाती है। ये ऐसी फिल्म थी जिसमें प्यार की अलग परिभाषा को एक्सप्लोर किया गया था।
इम्तियाज को आज भी ‘सोचा ना था’ ज्यादा पसंद है। बतौर निर्देशक ये उनकी पहली फिल्म थी। इसी फिल्म से अभय देओल ने भी डेब्यू किया था। बॉक्स ऑफिस पर तो ये कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन आलोचकों और लोगों के एक तबके ने पसंद किया।
इस फिल्म को बनाने में इम्तियाज अली को चार साल लगे थे और इस दौरान इम्तियाज ने जितना सीखा, वो उनकी आगे की फिल्मों में दिखा। इस फिल्म को बनाने के दौरान इम्तियाज अली और इरशाद की दोस्ती के किस्से सुनने को मिले। एक बार तो फिल्म के गाने के चक्कर में दोनों को पुलिस वाले उठा कर ले गए थे।
दरअसल 'सोचा न था' के टाइटल ट्रैक पर डिस्कशन करने के लिए इम्तियाज और इरशाद कामिल वर्सोवा बीच पर टहल रहे थे। तभी पुलिसवाले आए और पूछा इतनी रात को यहां क्या कर रहे हो? दोनों ने बताया- गाना डिस्कस। पुलिसवालों ने पूछा- रात के ढाई बजे? फिर दोनों के पुलिस वाले वर्सोवा पुलिस स्टेशन ले गए। हालांकि बाद में दोनों को छोड़ दिया।