बॉलीवुड में कॉमेडी फिल्मों की भरमार है। ऐसे में अब लीड स्टार्स भी बतौर कॉमेडी एक्टर काम करने लगे हैं। लेकिन अगर आप जिंदगी से ऊब रह रहे हैं तो ये 10 जबरदस्त कॉमेडी फिल्में आपमें फिर से जीने की इच्छा को जगा सकती है। तो आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 10 फिल्में...
जाने भी दो यारों (1983)
फिल्म जगत की कॉमेडी फिल्म 'जाने भी दो यारो' आज भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करती हैं। फिल्म को कुंदन शाह ने डायरेक्ट किया था। नसीरुद्दीन शाह, रवि बासवानी, सतीश शाह और ओम पुरी जैसे दिग्गज अभिनेताओं ने इस फिल्म में अपनी एक्टिंग से चार चांद लगा दिए थे। बता दें कि साल 2006 में इस फिल्म को इंडिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया था।
किसी से न कहना (1983)
कभी कॉमेडी के सरताज कहे जाने वाले एक्टर उत्पल दत्त की कॉमिक टाइमिंग से तो हर कोई वाकिफ है। बता दें कि फिल्म 'किसी से ना कहना' 80 के दशक की जबरदस्त कॉमेडी फिल्म थी। फिल्म को ऋषिकेश मुखर्जी ने डायरेक्ट किया था। फिल्म में फारुख शेख, दीप्ति नवल और उत्पल दत्त जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म में उत्पल दत्त ने फारुख शेख के पिता का किरदार निभाया जिसमें वे अपने बेटे के लिए गांव की एक संस्कारी लड़की की तलाश करते हैं जबकि फारुख पहले से ही एक डॉक्टर (दीप्ति नवल) के प्यार में खो जाते हैं।
चश्मे बद्दूर (1982)
एक बार फिर फिल्म 'चश्मे बद्दूर' में फारुख शेख और दीप्ति नवल की जोड़ी नजर आई। फिल्म को सई परांजपे ने डायरेक्ट किया था। यह एक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म थी। इसके अलावा एक्टर राकेश बेदी और रवि वासवानी भी फिल्म में अहम किरदार में नजर आए थे। बता दें कि इसी नाम से 2013 में डेविड धवन ने इस फिल्म का रीमेक बनाया था।
अंगूर (1982)
फिल्म 'अंगूर' के चर्चे तो आज भी होते हैं। क्योंकि यह एक बहुत ही सटीक कॉमेडी फिल्म थी। फिल्म में आर डी बर्मन ने अपने गीतों से धमाल मचा दिया था। बता दें कि फिल्म अंगूर विलियम शैक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ पर आधारित थी। फिल्म में संजीव कुमार और देवेन वर्मा ने अपनी कॉमेडी से लोगों को बहुत गुदगुदाया था।