सपने तो सभी देखते हैं पर उन्हें सच कर दिखाने का जज्बा किसी-किसी में होता है। समय-समय पर हमें ऐसी सच्ची कहानियां सुनने को मिलती हैं, जो इस बात को सच साबित करती हैं। ऐसी ही एक सच्ची कहानी हम आपको बता रहे हैं। ये कहानी है सौम्या शर्मा की, जो आज भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं।
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इन रणनीतियों से बिना कोचिंग बन गईं IAS अधिकारी, बुखार में भी दी परीक्षा
Sat, 07 Mar 2020 10:21 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sat, 07 Mar 2020 10:21 AM IST
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सौम्या शर्मा
- फोटो : Social media
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सौम्या शर्मा
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- सौम्या ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली से कानून की पढ़ाई की है।
- उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पहली बार 2017 में दी। एनएलयू से पढ़ाई पूरी होने के तुरंत बाद। तब सौम्या की उम्र 22 साल थी।
- सौम्या बताती हैं कि उन्होंने उचित तरीके से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी 19 फरवरी 2017 को शुरू की। यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से करीब चार महीने पहले।
सौम्या शर्मा
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- तब वह एनएलयू में लॉ की अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने अपना वैकल्पिक विषय भी कानून ही रखा था।
- सौम्या के अनुसार, 'मैंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए कोई कोचिंग ज्वॉइन नहीं की थी। लेकिन हां, ज्यादा से ज्यादा टेस्ट सीरीज में एनरोल जरूर हुई। इससे काफी मदद भी मिली।'
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सौम्या शर्मा
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- उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली। लेकिन मुख्य परीक्षा से करीह एक हफ्ते पहले से उन्हें बुखार हो गया।
- सौम्या बताती हैं, 'पूरे सप्ताह मेरा बुखार नहीं उतरा। परीक्षा के दिन भी तापमान 102 से नीचे नहीं जा रहा था। कभी-कभी तो 103 डिग्री तक पहुंच रहा था। मुझे दिन में तीन बार स्लाइन ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। यहां तक कि परीक्षा के बीच के ब्रेक में भी मुझे ड्रिप चढ़ी थी।'
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सौम्या शर्मा
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- सौम्या कहती हैं, 'मुझे याद है जीएस-2 की परीक्षा के दौरान बीच-बीच में मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा रहा था। मैं तुरंत ऊर्जा के लिए चॉकलेट खाती और उत्तर लिखने में जुट जाती।'
- बता दें कि सौम्या की सुनने की क्षमता भी काफी कमजोर है। वह हीयरिंग एड की मदद के बिना ठीक से सुन नहीं पातीं। लेकिन सौम्या ने इसका फायदा यूपीएससी परीक्षा में नहीं उठाया। उन्होंने सामान्य श्रेणी के तहत आवेदन किया था।
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