इस बार 26 जनवरी को देश का 72वां गणतंत्र दिवस है। आजाद भारत ने एक गणतंत्र के तौर पर 71 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में कोई भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष बतौर मुख्य अतिथि शामिल नहीं होंगे। यह बात आप सभी को मालूम होगी, लेकिन शायद यह नहीं कि पहले 10 गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि कौन थे? आज हम आपको बता रहे हैं कि आजाद भारत 26 जनवरी की परेड में आमंत्रित पहले 10 मुख्य अतिथि कौन और किस देश से थे।
गणतंत्र के 71 साल : जानिए 26 जनवरी की पहली 10 परेड के बारे में, पाकिस्तानी भी रहे थे मुख्य अतिथि
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शुरुआती दिनों के दौरान भारत में भव्य गणतंत्र दिवस परेड के लिए एक निश्चित स्थान नहीं था। गणतंत्र दिवस की परेड लाल किले, रामलीला मैदान, किंग्सवे और इरविन स्टेडियम जैसे विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाती थी। 1955 में परेड स्थल तय किया गया और इसे राजपथ पर आयोजित किया जाने लगा। जो परंपरा भारत में वर्षों से जारी है वह गणतंत्र दिवस परेड के लिए मुख्य अतिथि की उपस्थिति रही है।
भारत ने अभी तक कई पड़ोसी देशों और राष्ट्रों से राजनीतिक नेताओं को परेड के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, ऐसे भी कई साल रहे हैं जब भारत में गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि नहीं थे। साल 1952, 1953, 1956, 1957, 1959, 1962, 1964, 1966, 1967 और 1970 में 26 जनवरी की परेड में कोई भी मुख्य अतिथि नहीं थे।
1955 : पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद
1955 में भारत की पहली गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद थे। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद, पाकिस्तान अक्सर भारतीय गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि रहा है। मलिक गुलाम मोहम्मद राजपथ पर पहले अतिथि थे।
1958 : चीन के मार्शल ये जियानयिंग
1952 और 1953 में दो साल तक कोई मुख्य अतिथि नहीं होने के बाद भारत के पड़ोसी देश चीन के मार्शल ये जियानयिंग को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। उस समय भारत और चीन के बीच तनाव था। लेकिन जवाहर लाल नेहरू भारत और चीन के बीच शांति की उम्मीद कर रहे थे।
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