अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बाद सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया से लेकर नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण तक इस बार काफी कुछ बदला है, लेकिन कुछ नहीं बदला तो वह है 20 जनवरी की तारीख। प्रत्येक चार साल बाद आने वाले लीप ईयर में अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होते हैं। अक्सर देखा जाता है कि वैश्विक महाशक्ति अमेरिका के नए निर्वाचित राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण 20 जनवरी के दिन ही होता है। अमेरिका और दुनिया के प्रमुख टीवी न्यूज चैनल इसका सीधा प्रसारण दिखाते हैं। इस साल भी अमेरिका के इतिहास में 20 जनवरी को एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। यह दिन दुनिया के सबसे प्राचीन लोकतंत्र के इतिहास में कई परंपराओं के टूटने और बदलने का साक्षी बनेगा। आइए जानते हैं क्या है 20 जनवरी के दिन का महत्व, इतिहास और क्यों अलग है इस बार का इनॉगरेशन डे ...
20 जनवरी को ही क्यों होता है अमेरिकी राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह
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संविधान में निर्धारित है शपथ की तारीख
अमेरिकी संविधान के 20वें संशोधन के तहत नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के लिए 20 जनवरी की तारीख भी निर्धारित की हुई है। चुनाव होने के करीब ढाई महीने बाद निर्वाचित राष्ट्रपति शपथ लेते हैं। यह हालांकि, 1937 के पहले तक शपथ ग्रहण चार मार्च को होता था। यह ढाई माह का समय ट्रांजिशन पीरियड कहलाता है। फ्रेंकलीन डी रूजवेल्ट पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 20 जनवरी 1937 को शपथ ली थी।
क्या होता है इनॉगरेशन डे?
सबसे पहले इनॉगरेशन डे की बात करें तो यह शपथ ग्रहण समारोह वाशिंगटन डीसी में होता है, जो कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति के कार्य की शुरुआत का प्रतीक है। राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडन आधिकारिक तौर पर इनॉगरेशन डे तक व्हाइट हाउस में अपना कदम नहीं रख सकते हैं। इनोग्रेशन डे पर डेमोक्रेट नेता जो बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति और कमला हैरिस उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ लेेेंगी।
यह है शपथ का प्रारूप-
'...राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हैं, मैं पूरी ईमानदारी से यह शपथ लेता हूं कि मैं संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यालय का ईमानदारी से संचालन करूंगा और संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान की अपनी पूरी क्षमता के साथ संरक्षण, रक्षा और बचाव के सर्वोत्तम प्रयास करूंगा।' इस समारोह में जब जो बाइडन इन शब्दों का उच्चारण करेंगे तो वह 46वें राष्ट्रपति के तौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जगह लेंगे। शपथ लेते ही कमला हैरिस भी पहली अश्वेत महिला उपराष्ट्रपति बन जाएंगी। वे राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण से ठीक पहले शपथ लेंगी। शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति बाइडन अगले चार वर्षों के लिए व्हाइट हाउस में रहने जाएंगे।
शपथ के समय हाथ में बाइबल
अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के समय हाथ में बाइबल रखने की अपेक्षा की जाती है। हालांकि, यह कानूनी रूप से बाध्यता नहीं है। बता दें कि 14 सितंबर 1904 को थियोडर रूजवेल्ट ने जब अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी तो उन्होंने उस समय हाथ में बाइबल नहीं उठाई थी। बताया जाता है कि लेडी बर्ड जॉनसन, पहली प्रथम महिला थीं, जिन्होंने अपने पति के शपथ ग्रहण के दौरान बाइबल हाथ में ली थी।
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