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Medical Students: मेडिकल छात्रों की सुनवाई अब तीन स्तरों पर, एनएमसी ने रखा नया समाधान फॉर्मूला; जानें क्या

Fri, 11 Jul 2025 09:36 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Fri, 11 Jul 2025 09:36 AM IST
सार

Three-tier System: मेडिकल छात्रों की शिकायतों को देखते हुए एनएमसी ने तीन स्तरों पर समाधान व्यवस्था का सुझाव दिया है, ताकि उनकी समस्याओं का समय पर हल हो सके।

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NMC suggests 3-tier grievance-redressal mechanism for medical students
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देश के मेडिकल छात्रों की चिंताओं को समझते हुए यह सुझाव दिया है कि मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग में एक तीन स्तर की शिकायत सुलझाने की व्यवस्था (त्रिस्तरीय तंत्र) बनाई जाए।



आयोग ने एक सलाह में कहा कि उसे मेडिकल छात्रों, उनके माता-पिता और अन्य लोगों से पढ़ाई और अस्पताल में ट्रेनिंग से जुड़ी कई शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं समस्याओं को हल करने के लिए यह कदम उठाने की सिफारिश की गई है।

NMC suggests 3-tier grievance-redressal mechanism for medical students
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

पहले कॉलेज स्तर पर होगा समाधान

इसमें बताया गया है कि शिकायतें अत्यधिक फीस वसूलने, वजीफे के भुगतान में देरी या भुगतान न करने, रैगिंग या उत्पीड़न, इंटर्नशिप से संबंधित चुनौतियां, संकाय या कॉलेज स्टाफ से संबंधित मुद्दे, अनुशासन संबंधी मामले, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी चिंताएं, पाठ्यक्रम, उपस्थिति, शिक्षण पद्धति, परीक्षा, मूल्यांकन आदि जैसी शैक्षणिक चिंताओं से संबंधित हैं।

एनएमसी ने कहा कि इनमें से ज्यादातर शिकायतों का समाधान कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर ही किया जा सकता है। अगर फिर भी कोई समस्या नहीं सुलझती, तो संबंधित राज्य के निदेशालय या चिकित्सा शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप से उनका समाधान किया जा सकता है।

परामर्श में कहा गया है, "यदि किसी शिकायत के लिए एनएमसी स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता है, तो उसे आवश्यक समाधान के लिए एनएमसी के पास भेजा जा सकता है।"

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

फीस, वजीफा, रैगिंग और पढ़ाई से जुड़ी समस्याएं शामिल

एनएमसी ने तीन स्तरों पर एक संरचित तंत्र स्थापित करने का आह्वान किया, जिसके अनुसार सबसे पहले मेडिकल कॉलेज या संस्थान में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए। फिर शिकायतकर्ता विश्वविद्यालय और अंत में, चिकित्सा शिक्षा निदेशालय या राज्य के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से संपर्क कर सकता है।

कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि वे एक वेब-पोर्टल एड्रेस बनाएं और उसे प्रदर्शित करें तथा एक लिंक उपलब्ध कराएं जहां पीड़ित छात्र अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

अनसुलझी शिकायतों के लिए एनएमसी पोर्टल सक्रिय

एनएमसी ने कहा, "छात्रों/हितधारकों की शिकायतों के प्रभावी और त्वरित समाधान के लिए हितधारकों द्वारा हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए, तथा यह प्रयास किया जाना चाहिए कि सभी शिकायतों का समाधान उन स्तरों पर किया जाए जहां से वे उत्पन्न हुई हैं।"

इसमें कहा गया है कि मेडिकल छात्रों और अन्य हितधारकों द्वारा अनसुलझे शिकायतों को दर्ज करने के लिए एनएमसी में एक वेब पोर्टल सक्रिय किया गया है।

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