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राष्ट्रीय हिंदी दिवस: 14 सितंबर 1949 को क्या हुआ था, पहली बार कब मनाया गया हिंदी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास

Sat, 12 Sep 2026 06:41 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 12 Sep 2026 06:41 PM IST
सार

Hindi Diwas History: हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी तारीख का चयन क्यों हुआ? 1949 में संविधान सभा में हिंदी को लेकर क्या फैसला हुआ और इसके बाद हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत कैसे हुई? जानें पूरी कहानी...
 

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Hindi Diwas History: What Happened on 14 September 1949 and How Hindi Day Began
National Hindi Diwas 2026 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

Hindi Diwas History: हर साल 14 सितंबर को देश में राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और दूसरे संगठनों में इस मौके पर भाषण, निबंध, कविता और हिंदी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदी दिवस के लिए 14 सितंबर की तारीख ही क्यों चुनी गई? इसके पीछे 1949 की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक घटना है।

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14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की याद में हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। संविधान में हिंदी को राष्ट्रभाषा नहीं, बल्कि संघ की राजभाषा कहा गया है। संविधान के अनुच्छेद 343 में संघ की राजभाषा हिंदी और उसकी लिपि देवनागरी निर्धारित की गई है।
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14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में क्या हुआ था?

भारत को आजादी मिलने के बाद देश के सामने कई बड़े संवैधानिक सवाल थे। इनमें सरकारी कामकाज के लिए भाषा का सवाल भी महत्वपूर्ण था। संविधान निर्माण के दौरान यह चर्चा हुई कि संघ के सरकारी कामकाज के लिए किस भाषा को अपनाया जाए।

  • भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में कई भाषाएं बोली जाती थीं। ऐसे में भाषा का सवाल केवल प्रशासन तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे देश की भाषाई विविधता भी जुड़ी थी।
  • संविधान सभा (Constituent Assembly) में इस विषय पर लगभग तीन वर्षों तक लंबी और गहन चर्चा हुई।
  • राजभाषा विभाग के आधिकारिक प्रकाशन के अनुसार, संविधान सभा के सदस्यों ने 12 सितंबर से 14 सितंबर 1949 तक इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
  • इसके बाद 14 सितंबर को हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया।


 

इस फैसले में कौन-सी बातें महत्वपूर्ण थीं?

  • तारीख थी 14 सितंबर 1949
  • हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया।
  • हिंदी के लिए देवनागरी लिपि निर्धारित की गई।
  • यह व्यवस्था बाद में संविधान के अनुच्छेद 343 में शामिल हुई।


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संविधान के अनुच्छेद 343 में क्या कहा गया है?

संविधान के भाग 17 में संघ की राजभाषा से जुड़े प्रावधान दिए गए हैं। अनुच्छेद 343 के अनुसार, संघ की राजभाषा हिंदी होगी और उसकी लिपि देवनागरी होगी।

इसी अनुच्छेद में संघ के सरकारी कामकाज में अंकों के इस्तेमाल से जुड़ा प्रावधान भी दिया गया है। साथ ही, संविधान ने उस समय अंग्रेजी के इस्तेमाल को जारी रखने के लिए भी व्यवस्था की थी। बाद में संसद कानून बनाकर संघ के आधिकारिक कामकाज में अंग्रेजी के इस्तेमाल से जुड़ी व्यवस्था कर सकती थी।

हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई?

  • 14 सितंबर 1949 के निर्णय के बाद इस दिन को याद करने और हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने की जरूरत महसूस की गई।
  • पीआईबी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के सुझाव पर 1953 से 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
  • इसका उद्देश्य उस एतिहासिक दिन को याद करना और हिंदी के प्रसार को बढ़ावा देना था।

यानी 14 सितंबर 1949 वह तारीख है जब संविधान सभा में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया और 1953 से इस तारीख को हिंदी दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई।

हिंदी दिवस का उद्देश्य क्या है?

हिंदी दिवस केवल एक तारीख याद करने का दिन नहीं है। इसका संबंध हिंदी के इस्तेमाल और उसके प्रचार-प्रसार से भी है।

  • भारत सरकार के राजभाषा विभाग के अनुसार, हिंदी दिवस के साथ हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सरकारी मंत्रालयों और विभागों में हिंदी सप्ताह, हिंदी पखवाड़ा या हिंदी माह जैसे आयोजन भी किए जाते हैं।
  • इन आयोजनों के जरिए सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाता है।
  • हिंदी में बेहतर काम करने वालों और संस्थानों को सम्मानित करने के लिए राजभाषा से जुड़े पुरस्कार भी दिए जाते हैं।


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क्या हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा है?

यह सवाल अक्सर हिंदी दिवस के समय पूछा जाता है। इसका सीधा जवाब है- संविधान हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा नहीं कहता। संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को संघ की राजभाषा कहा गया है। 

आज हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है?

समय के साथ हिंदी दिवस के आयोजन का दायरा बढ़ा है। स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए भाषण, निबंध और कविता जैसी प्रतियोगिताएं होती हैं। सरकारी संस्थानों में भी हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम किए जाते हैं।

भारत सरकार का राजभाषा विभाग हर साल हिंदी दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता है। इन आयोजनों में हिंदी के प्रयोग और राजभाषा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सामने लाया जाता है।

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