फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

National Youth Day 2021 : आज पूरा देश मना रहा राष्ट्रीय युवा दिवस, जानें क्या है इसका इतिहास

Tue, 12 Jan 2021 11:59 AM IST
Devesh Devesh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Devesh Devesh Updated Tue, 12 Jan 2021 11:59 AM IST
विज्ञापन
National Youth Day 2021 Significance History Theme All you need to know about Vivekananda 128 years ago he gave the chicago speech
National Youth Day : राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद की जयंती - फोटो : अमर उजाला

जनवरी माह की 12 तारीख का दिन पूरे देश के लिए बेहद खास है। यह सिर्फ एक सामान्य तारीख नहीं है। 12 जनवरी को भारत के महान दार्शनिक, आध्यात्मिक और सामाजिक नेताओं में से एक स्वामी विवेकानंद की जयंती हैं। हमारा देश युवाओं का देश है और युवाओं के लिए यह एक अवसर है उस महान आत्मा को याद करने का जिसने 128 साल पहले समूचे विश्व में भारत का नाम रोशन किया। दुनिया का परिचय भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन पद्धति से कराया। उनके सम्मान में 12 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। आइए जानते हैं कब और कैसे हुई इस परंपरा की शुरुआत और क्या है राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व और इतिहास... 

National Youth Day 2021 Significance History Theme All you need to know about Vivekananda 128 years ago he gave the chicago speech
विवेकानंद शिकागो भाषण

स्वामी विवेकानंद का जीवन एक नजर में : 

  • 1863 एक तेजस्वी बालक नरेंद्र नाथ दत्त का जन्म भारत के कोलकाता के एक कुलीन परिवार में हुआ था। वह बालक आगे चलकर भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक बना और स्वामी विवेकानंद के नाम से जाना गया।  
  • 1893 में स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने संक्षिप्त किंतु प्रभावी वक्तव्य में पश्चिमी दुनिया का भारतीय वेदांत दर्शन से परिचय कराया। उन्हें भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन पद्धति से अवगत कराया। इस क्षण को ईस्ट मीट वेस्ट के तौर पर जाना जाता है। 
  • 1897 में स्वामी विवेकानंद ने धर्म संसद से लौटने के बाद अपने गुरु संत श्रीरामकृष्ण परमहंस के नाम पर सामाजिक सेवाओं के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। इसके आदर्श कर्म योग और गुरु श्रीरामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं पर आधारित हैं।
  • 1902 में 04 फरवरी के दिन स्वामी विवेकानंद अपने कमरे में गए और ध्यान लगाकर बैठ गए। इसी ध्यानावस्था में वह इस दुनिया से परलोक प्रस्थान कर गए। 
  • 1984 में भारत सरकार ने अपने महान आध्यात्मिक और दार्शनिक नेता का सम्मान करने और देश के युवाओं को उनके विचारों से प्रोत्साहित करने के लिए स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन, 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था।

National Youth Day 2021 Significance History Theme All you need to know about Vivekananda 128 years ago he gave the chicago speech
swami vivekanand

योग वेदांत संस्कृति को पुनर्जीवित किया : 

देश में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों को सम्मान देने के लिए हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में युवाओं के महत्व के बारे में बहुत मुखर थे। विवेकानंद ने विदेशों में जो हासिल किया उसने भारत की आध्यात्मिकता छवि और योग वेदांत संस्कृति को पुनर्जीवित करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
National Youth Day 2021 Significance History Theme All you need to know about Vivekananda 128 years ago he gave the chicago speech
विवेकानंद निवेदिता

शिकागो में विश्व धर्म संसद से मिली ख्याति : 
1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में उन्होंने जो भाषण दिया, वह "अमेरिका की बहनों और भाइयों" के साथ शुरू हुआ, जिसने उन्हें विश्व स्तर पर अलौकिक और तेजस्वी वक्ता एवं दार्शनिक के तौर पर पहचान दिलाई। उनके दिए गए उपदेश और बताए गए आदर्शों आज भी अमर हैं। स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं की क्षमता का दोहन करने पर ध्यान केंद्रित किया। वह युवा पीढ़ी को प्रेरित करना चाहते थे ताकि वे अंग्रेजों का मुकाबला कर सकें और स्वतंत्रता प्राप्त कर सकें। 



 

विज्ञापन
National Youth Day 2021 Significance History Theme All you need to know about Vivekananda 128 years ago he gave the chicago speech
स्वामी विवेकानंद

शिक्षा और शांति ही हथियार : 
स्वामी विवेकानंद के विचारों में ऐसी क्षमता है कि वो हर किसी व्यक्ति के जीवन को बदल सकते हैं। विवेकानंद के दुनिया को जीतने के हथियार शिक्षा और शांति थे। वे चाहते थे कि युवा अपने आरामदायक जीवनचर्या से बाहर निकलें और वे अपनी इच्छा के अनुसार कुछ हासिल करें। विवेकानंद ने अपने हर विचार को बुद्धि और तर्क के जरिए स्थापित किया। विवेकानंद को दर्शन, धर्म, साहित्य, वेद, पुराण, उपनिषद विलक्षण समझ थी। विवेकानंद का कहना था कि पढ़ने के लिए एकाग्रता जरूरी है और एकाग्र होने के लिए ध्यान जरूरी है। ध्यान से ही हम अपनी इंद्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed