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Mumbai Attack: incident of 26/11, This question is often asked in competitive exams; Know complete history
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Mumbai Attack: क्या है 26/11 की घटना? प्रतियोगी परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है सवाल; यहां जानें पूरा इतिहास
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 10 Apr 2025 03:33 PM IST
सार
26/11 Attack: भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 2008 में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने वाला तहव्वुर राणा भारत आ रहा है। आइए ऐसे में जानते है कि 26/11 की वो घटना क्या हैं? जिससे पूरा देश दहल गया था, साथ ही इस घटना से जुड़े कई सवाल भी अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछें जाते है...
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Mumbai Attack
- फोटो : Amar Ujala
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26/11 Mumbai Terror Attack: भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 2008 में हुए भीषण आतंकी हमलों की साजिश रचने वाला तहव्वुर राणा अब भारत के कानून का सामना करेगा। '26 नवंबर 2008' की तारीख आज भी भारतीयों के दिलों में दर्द, डर और दुःख की तस्वीर बनकर जिंदा है। उस दिन की यादें आज भी आंखें नम कर देती हैं।
दरअसल, साल 2008 में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने समुद्री रास्ते से मुंबई में घुसकर शहर के कई इलाकों में अंधाधुंध हमले किए थे। इस बर्बर हमले में 166 मासूम लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों घायल हुए।
अब इस हमले की साजिश रचने वाले तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिका की निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट और यहां तक कि तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत की मांग को जायज मानते हुए प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी है। करीब 17 वर्षों बाद, भारत को इस हमले के मास्टरमाइंड को न्याय के कटघरे में लाने का मौका मिलने जा रहा है।
आइए ऐसे में जानते है कि 26/11 की वो घटना क्या हैं? जिससे पूरा देश दहल गया था, साथ ही इस घटना से जुड़े कई सवाल भी अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछें जाते है...
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तहव्वुर राणा
- फोटो : PTI
पाकिस्तान में प्रशिक्षित और अत्याधुनिक हथियारों से लैस लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने एक नाव के सहारे समुद्र के रास्ते मुंबई में प्रवेश किया था और कई जगहों पर अपनी दशहत और क्रूरता के निशान छोड़े थे। 26 नवंबर की रात 10 बजे के करीब खबर आई कि बोरीबंदर में एक टैक्सी में धमाका हुआ है, जिसमें ड्राइवर और दो यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
इसके बाद मुंबई में कई स्थानों पर गोलीबारी की घटनाओं के बारे में पता लगा, फिर मुंबई पुलिस और इंटेलिजेंस को अंदाजा हो गया यह कोई बड़ा आतंकी हमला है। उससे समय ताज होटल में 450 और ओबेरॉय ट्राइडेंट में 380 मेहमान मौजूद थे, जब आतंकियों ने इन दोनों जगहों पर हमला बोला था और ताज होटल के गुंबद से निकलता धुंआ मुंबई आतंकी हमलों की पहचान बन गया।
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Tahawwur Rana
- फोटो : PTI
ताज होटल और ओबेरॉय ट्राइडेंट: 26/11 हमले की सबसे बड़ी चुनौती
26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान सबसे कठिन और संवेदनशील ऑपरेशन ताज होटल और ओबेरॉय ट्राइडेंट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना था। इन दोनों होटलों में आतंकियों ने न केवल अंधाधुंध फायरिंग की, बल्कि कई लोगों को बंधक भी बना लिया था।
इस मुश्किल हालात से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कमांडो सक्रिय हुए। ओबेरॉय ट्राइडेंट में ऑपरेशन अपेक्षाकृत जल्दी पूरा हो गया, जहां एनएसजी ने दो आतंकियों को मार गिराया और सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
हालांकि, ताज होटल में स्थिति ज्यादा गंभीर थी। यहां चार आतंकी अंदर घुसे थे, जिन्होंने 31 लोगों की जान ले ली और कई मेहमानों व कर्मचारियों को एक हिस्से में बंधक बना लिया था। एनएसजी कमांडोज ने करीब 60 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद 29 नवंबर की सुबह सभी आतंकियों को मार गिराया और बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराया।
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तहव्वुर हुसैन राणा, 26/11 आतंकवादी हमले का आरोपी
- फोटो : ANI
इस तरह 26/11 मुंबई आतंकी हमले में शामिल 9 आतंकी मारे गए, आमिर अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया और कसाब के खिलाफ मुकदमा चला। 21 नवंबर 2012 को पुणे के यरवडा जेल में सुबह साढ़े सात बजे उसे फांसी दे दी गई। इस हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद और जैबुद्दीन अंसारी उर्फ अबु जुंदाल पाकिस्तान में बैठकर 10 आतंकियों को निर्देश दिए थे, तहव्वुर राणा ने हथियारों की व्यवस्था की थी।
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