देशभर में अमूमन सभी अभिभावकों की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर बनकर शानदार नौकरी पा लें या फिर अपना अस्पताल खोल लें। इससे समाज में उनके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। लेकिन देश में मेडिकल एजुकेशन सेक्टर में करिअर बनाना इतना आसान काम नहीं है। चिकित्सा क्षेत्र में बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी यानी एमबीबीएस (MBBS) बीएचएमएस, बीएएमएस और बीडीएस (BDS) जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए लाखों छात्र किस्मत आजमाते हैं। इन पाठ्यक्रमों में दाखिलों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देना पड़ता है। लेकिन बना नीट परीक्षा दिए भी आप चिकित्सा क्षेत्र में करिअर बना सकते हैं।
मेडिकल एजुकेशन : बिना नीट परीक्षा दिए भी चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे बना सकते हैं करिअर, विस्तार से समझें
चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिलों के लिए NEET देना पड़ता है। लेकिन बना नीट परीक्षा दिए भी आप चिकित्सा क्षेत्र में करिअर बना सकते हैं।
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हर साल लगभग 15-16 लाख स्टूडेंट इस परीक्षा में भाग लेते हैं। लेकिन महज कुछ ही नीट क्वालीफाई कर पाते हैं। इसके बाद उन्हें उनकी रैंक के अनुसार, देश के विभिन्न चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में दाखिले मिलते हैं। अगर आप नीट क्वालिफाई नहीं कर पाए, तो निराश न हों। आप नीट परीक्षा को बिना दिए भी आप मेडिकल सेक्टर में अपना करिअर बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं चिकित्सा क्षेत्र के ऐसे प्रमुख पाठ्यक्रमों के बारे में जहां आप 12वीं के बाद सीधे दाखिला ले सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए नीट क्वालीफाई करना जरूरी नहीं है।
हालांकि, इनके लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10 प्लस 2 यानी 12वीं बोर्ड परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान/गणित (पीसीबी/पीसीएम) जैसे विषय होना जरूरी हैं। कुछ विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए आपको अलग से प्रवेश परीक्षा देनी पड़ सकती है। तो कुछ विश्वविद्यालय 12वीं बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर ही सीधे प्रवेश दे देते हैं।
फिजियोथेरेपी
फिजियोथेरेपी नीट के बिना किए जा सकने वाला एक ऐसा करिअर ऑप्शन है जिसे काफी संतोषजनक माना जाता है। इसमें कमाई भी अच्छी होती है। शरीर की मांसपेशियों को सही अनुपात में सक्रिय करने की विधा ही फिजियोथेरेपी कहलाती है। इस क्षेत्र में करिअर बनाने के लिए वे बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स कर सकते हैं।
वेटरनरी डॉक्टर
पशुओं से लगाव रखते हैं तो आप वेटरनरी डॉक्टर भी बन सकते हैं। वेटरनरी साइंस जानवरों के रोगों के उपचार और डायग्नोस्टिक से संबंधित है। पशु चिकित्सा का अध्ययन करने के इच्छुक उम्मीदवार कक्षा 12वीं के बाद बैचलर इन वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंडरी का विकल्प चुन सकते हैं।
यह 5.5 वर्षीय स्नातक की डिग्री प्रोग्राम है। इसमें अंतिम 6 महीने जानवरों के उपचार से संबंधित अनिवार्य इंटर्नशिप के लिए होते हैं। बीवीएससी पूरी करने के बाद आप पशु सर्जरी के क्षेत्र में सेवाएं दे सकते हैं और पशुचिकित्सा सर्जन, सहायक पशुचिकित्सक, वेटरनरी फार्मकोलॉजिस्ट वेटरनरी न्यूरोलॉजिस्ट आदि के रूप में काम कर सकते हैं।
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