'12th फेल, हारा वही जो लड़ा नहीं ' शीर्षक से लिखी ये किताब अनुराग पाठक ने अपने साथी मनोज शर्मा के ऊपर लिखी है। इसमें संघर्ष से भरी ऐसी दिलचस्प कहानियां आपको पढ़ने को मिलेंगी, जिसके बारे में शायद कल्पना करना भी मुश्किल है। अपनी गर्लफेंड को दिया आईपीएस बनने का वादा मनोज शर्मा ने बखूबी निभाया। आइए पढ़ते हैं कैसे संघर्ष भरें मार्ग पर चलकर हासिल की मंजिल...
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12वीं में फेल हो चुका शख्स यूं बना IPS, कभी चलाया करता था टैंपो
Sun, 20 Oct 2019 09:24 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sun, 20 Oct 2019 09:24 AM IST
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- मनोज शर्मा का जन्म मुरैना, मध्यप्रदेश में हुआ था। नौवीं, दसवीं, और ग्यारहवीं में तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने नकल का सहारा लिया।
- लेकिन 12वीं परीक्षा में नकल करना मुश्किल था इसलिए वे फेल हो गए।
- सूत्रों के अनुसार उन्होंने बताया कि 12वीं परीक्षा में पास होने के लिए उन्होंने नकल की सारी तैयारी कर ली थी। पर उस वक्त वहां के एसडीएम ने स्कूल में नकल न होने के लिए ज्यादा से ज्यादा अच्छे इंतजाम करवाएं।
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- एसडीएम की पावर को देखकर मनोज के मन में ऐसा ही पावरफुल इंसान बनने का ख्याल आया।
- चूंकि वे 12वीं में फेल हो गए थे इसलिए उन्होंने और उनके भाईयों ने टैंपो चलाया।
- एक बार की घटना है, उनका टैंपो पकड़ा गया तो मनोज एसडीएम से मदद मांगने गए, जब उनसे मिले तो उन्होंने उनसे बस एक प्रश्न पूछा कि उन्होंने कैसे तैयारी की।
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- उस वक्त मनोज ने एसडीएम को नहीं बताया था कि वो 12वीं में फेल हो गए हैं। उनसे मिलने के कुछ दिनों बाद वे ग्वालियर आ गए।
- चूंकि मनोज के पास पैसे नहीं थे इसलिए वो मंदिर में भिखारियों के पास सोते थे।
- उस दौरन उसे लाइब्रेरी कम चपरासी की नौकरी मिल गई।
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- लाइब्रेरी में गोर्की और अब्राहम लिंकन से लेकर मुक्तबोध जैसे बड़े-बड़े लोगों के बारे में पढ़ा और उनके द्वारा किए काम को समझा।
- मनोज की एसडीएम बनने की तैैयारी शुरू हो गई थी।
- वे एक लड़की से प्यार करते थे लेकिन 12वीं फेल होने के कारण वे अपने दिल की बात कहने से डरते थे।
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