आज के समय में महिलाएं पुरुषों से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। वे पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं है। यहां हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बता रहे हैं, जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी अपने सपनों को भूली नहीं बल्कि एक सफल ड्राइवर बनकर महिलाओं को इस क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया है। आइए अगली स्लाइड में इनके बारे में जानते हैं सब कुछ...
इनकी पहचान
नाम है प्रतीक्षा दास, जो मुंबई में रहती हैं। 24 साल की प्रतीक्षा ने मलाड के ठाकुर कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। आपको बता दें कि जिस तरह 30 वर्ष की उम्र में तेलंगाना की वी. सरिता राजधानी दिल्ली (डीटीसी) की पहली महिला बस ड्राइवर बनी थीं, उसी तरह प्रतीक्षा भी मुंबई की बस ड्राइवर बन गई हैं।
कैसे आया ड्राइवर बनने का ख्याल
बता दें अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतीक्षा आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए पढ़ाई कर रही थीं पर इसे पूरा करने के लिए प्रतीक्षा को बड़े और भारी वाहनों के लाइसेंस की आवश्यकता थी। अगर वे चाहतीं तो फर्जी लाइसेंस बनवा सकती थी। पर इन्होंने खुद ही बड़े वाहनों को चलाना सीखना शुरू कर दिया। सीखते-सीखते इन्होंने अपने करियर की राह को ही बदल डाला और आज लाइसेंस के साथ बस ड्राइविंग करती हैं। बता दें इनकी बस मुंबई के अभ्यास मार्ग पर दौड़ती है।
इनके शौक
पांच फुट चार इंच कद की प्रतीक्षा को वाहनों के साथ समय व्यतीत करना अच्छा लगता है। ये अनेकों गाड़ियों को चलाने के साथ बाइक राइड का भी आनंद समय-समय पर लेती रहती हैं।
बता दें प्रतीक्षा ने पहली बार बाइक आठवीं कक्षा में चलाई थी। बाइक मामा की थी। उसके बाद से ही उनके दिमाग में एक फितूर सवार हो गया।
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