JEE Advanced Result 2025: जेईई एडवांस्ड 2025 के नतीजे आज जारी हो चुके हैं और साथ ही कटऑफ लिस्ट और टॉपर्स की सूची भी जारी हो गई है, लेकिन केवल जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई करना या टॉप रैंक लाना आईआईटी में दाखिले के लिए पर्याप्त नहीं है। जरूरी अन्य शर्तें पूरी न करने पर यहां तक कि जेईई एडवांस्ड टॉपर भी IIT में प्रवेश से वंचित रह सकता है। आइए विस्तार से जानें..
JEE Advanced Result: जेईई टॉपर बनना काफी नहीं! आईआईटी में एडमिशन के लिए पूरी करनी होंगी ये जरूरी शर्तें
JEE Advanced Result 2025: जेईई एड्वांस्ड में टॉप रैंक हासिल कर लेना ही आईआईटी में दाखिले की गारंटी नहीं है। आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए कुछ अतिरिक्त महत्वपूर्ण शर्तों को भी पूरा करना अनिवार्य है, जिन्हें अनदेखा करने पर टॉपर रैंक के बावजूद प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता है।
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बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम अंक अनिवार्य
उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं की परीक्षा भौतिकी, रसायन और गणित (PCM) विषयों के साथ उत्तीर्ण करनी चाहिए। साथ ही बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% अंक (SC/ST के लिए 65%) या संबंधित बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में शामिल होना आवश्यक है।
IIT 75% Marks Criteria: कब मान्य होंगे बोर्ड मार्क्स?
अगर आपने 12वीं बोर्ड 2024 में दी और 2025 में कोई इंप्रूवमेंट नहीं दिया, तो 2024 के मार्क्स मान्य होंगे और यदि आपने 2024 में पहली बार बोर्ड दी और 2025 में इंप्रूवमेंट एग्जाम दिया, तो बेस्ट स्कोर मान्य होगा।
2023 में पहली बार परीक्षा दी, लेकिन रिजल्ट 28 जून 2023 या बाद में आया, तो आप पात्र हैं। सभी सालों की मार्कशीट एक ही बोर्ड से होनी चाहिए।
आईआईटी टॉप 20 परसेंटाइल शर्तें
जेईई एडवांस्ड पास करने के बाद भी आईआईटी में दाख़िले के लिए छात्रों को अपने बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में होना जरूरी है। इसके लिए नंबरों की गणना इस तरह की जाएगी:- कुल 5 विषयों के अंक जोड़े जाएंगे। जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, एक भाषा (जिसमें ज्यादा नंबर आए हों), और एक अतिरिक्त विषय शामिल होगा।
- अगर कोई विषय 100 नंबर से कम के पैमाने पर है, तो उसके अंक को 100 के स्केल पर बदला जाएगा। इस तरह कुल अंक 500 में से गिने जाएंगे।
- अगर बोर्ड केवल ग्रेड देता है, तो छात्रों को इक्विवैलेंट मार्क्स का प्रमाणपत्र देना होगा।
- यदि किसी छात्र ने 2024 में बोर्ड परीक्षा दी थी और 2025 में सुधार परीक्षा दी है, तो दोनों में से बेहतर अंक मान्य होंगे। जिन बोर्डों में सेमेस्टर सिस्टम है, वहां आखिरी दो सेमेस्टर के अंक जोड़े जाएंगे।
JoSAA काउंसलिंग ही है प्रवेश का रास्ता
आईआईटी में सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) के माध्यम से होती है। उम्मीदवारों को JoSAA पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है और अपनी पसंद के कॉलेज व कोर्स को प्रायोरिटी के अनुसार भरना होता है। पात्रता की शर्तें पूरी करने और सीट उपलब्ध होने पर ही एडमिशन मिल पाता है।
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