नोवेल कोरोनावायरस (Novel Coronavirus) ने चीन के साथ-साथ पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बना रखा है। भारत में भी इस वायरस के संक्रमण के मामले सामने आ गए है। भारत में कोरोनावायरस के लक्षण का पहला मामला केरल के एक युवक में पाया गया जो चीन के वुहान विवि में पढ़ाई करता है। बीते दिनों अपने घर केरल आया था। इसके चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO- World Health Organisation) ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी (Global Health Emergency) घोषित कर दी है।
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कोरोनावायरस से पहले इन खतरनाक वायरसों ने दहलाई दुनिया, कुछ अब भी हैं लाइलाज
Fri, 07 Feb 2020 01:27 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 07 Feb 2020 01:27 PM IST
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कोरोनावायरस
- फोटो : PIB
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एचआईवी एड्स
- फोटो : सोशल मीडिया
एचआईवी या एड्स (HIV/AIDS)-
- 1976 में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इसका पहला मामला सामने आया था।
- चिम्पांजी बंदर से ये वायरस फैला था।
- दुनियाभर में अब तक इस वायरस की वजह से करीब 3 करोड़ से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
जीका वायरस
- फोटो : Future Science
जीका वायरस-
- यह मच्छरों के काटने से होने वाला वायरल संक्रमण है।
- जब कोई मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो वो इस वायरस को दूसरे तक आसानी से पहुंचा सकता है।
- अपने देश में हर साल लगभग पांच हजार से ज्यादा लोग जीका वायरस से प्रभावित होते हैं।
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spanish flu
स्पेनिश फ्लू-
- इस महामारी ने ब्रिटेन में ढाई लाख लोगों की जान ले ली थी और दुनिया भर के 5-10 करोड़ लोगों ने इसकी चपेट में आकर जान गंवाई थी।
- इसका मामला सबसे पहले यूरोप, यूनाइटेड स्टेट्स और एशिया के कुछ इलाकों में देखा गया था।
- लक्षण- उंगलियों के सिरों, कानों, नाक के सिरों और होंठों में नीला रंग आना शुरू हो जाना। जैसे-जैसे ये रंग गहराता है, मरने की संभावना भी बढ़ जाती है। मृत्यु के तुरंत बाद लाश पूरी तरह से काली पड़ जाती है।
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मर्स (Middle East respiratory syndrome) -
- मर्स यानी मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिड्रोम।
- इसका पहला केस 2012 में साऊदी अरब में पाया गया।
- ये वायरस चमगादड़ों में होता है, पर ये किसी कारणवश ऊंट में फैल गया।
- ऊंट के संपर्क में आने से यह वायरस लोगों में आया।
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