गोकुलपुर गांव की झुग्गियों में शुक्रवार देर रात आग लगी तो चारों ओर चीख-पुकार मच गई। चिल्लाते हुए लोग इधर-उधर भागने लगे। देर रात हुए हादसे के समय झुग्गियों में ज्यादातर लोग सोए हुए थे। अचानक हुए शोर-शराबे से उनकी नींद खुली। बाहर निकलकर देखा तो उनके होश उड़ गए।
2 of 8
gokulpuri fire accident
- फोटो : अमर उजाला
झुग्गियों में आग फैल गई थी। महिलाओं ने जैसे-तैसे सो रहे अपने बच्चों को उठाया। झुग्गियों के बीच बने संकरे रास्तों से वह अपने बच्चों को लेकर किसी तरह बाहर की ओर निकलीं। इस बीच बाहर मौजूद लोगों ने झुग्गियों में मौजूद पानी डालकर आग पर काबू पाने का असफल प्रयास किया। लेकिन देखते ही देखते आग बढ़ती चली गई।
3 of 8
gokulpuri fire accident
- फोटो : अमर उजाला
लोगों को अपना सामान भी निकालने का समय नहीं मिला। स्थानीय लोगों का कहना था कि करीब 15 से 20 मिनट लोगों ने खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन ज्यादातर झुग्गियों में रखे ज्वलनशील पदार्थ ने लोगों की मंशा को कामयाब नहीं होने दिया और आग हावी होती चली गई।
4 of 8
gokulpuri fire accident
- फोटो : अमर उजाला
वहां रहने वाले सुनील ने बताया कि यहां मेट्रो पिलर नंबर-12 के पास अमरपाल और मोनू पंडित नामक शख्स के दो प्लॉट हैं। इन प्लॉटों पर अमरपाल और मोनू झुग्गियां बसवाई हुई हैं। यहां रहने वाले गरीब लोगों से किराए के बदले 1200 से 1500 रुपये हर झुग्गी से वसूला जाता है। किराए के बदले यहां पर बिजली भी उपलब्ध कराई जाती है।
5 of 8
गोकलपुरी अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार रात करीब 12.30 से 12.40 के बीच अचानक रज्जन की झुग्गी के पास रवि की झुग्गी में पीछे की ओर आग लग गई। आग कैसे लगी इसका पता नहीं चल सका है। कुछ लोगों का कहना है कि बिजली के तारों में हुए शार्ट सर्किट के कारण पहले वहां आग लगी। इसके बाद धीरे-धीरे आग ने दोनों प्लॉट में बसी झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। मरने वाले दोनों परिवारों की झुग्गियां रवि की झुग्गी के बराबर और सामने वाली बताई जा रही है।