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खुलासा: 2700 साल पहले सुल्तानपुर में थी आबादी, खुदाई में मिले इलाहाबाद रूट के अवशेष
Sat, 20 Mar 2021 12:25 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 20 Mar 2021 12:25 PM IST
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2700 बरस पहले के मिट्टी के बर्तन, जानवरों के अवशेष मिले
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विश्वविद्यालय केएंथ्रोपॉलॉजी विभाग ने उत्तर प्रदेश स्थित सुल्तानपुर के उमरा गांव के पास मानव आबादी के अवशेषों की खोज की है। इस जगह पर 2700 बरस पहले(छठी-सातवीं शताब्दी बीसी) के ऐसे अवशेष मिले हैं, जिससे पता चलता है कि यह स्थान प्राचीन समय में इलाहाबाद जाने के लिए ट्रेड रुट रहा होगा।
2700 बरस पहले के मिट्टी के बर्तन, जानवरों के अवशेष मिले
- फोटो : अमर उजाला
विभाग की टीम को यहां विभिन्न तरह केमिट्टी के बर्तन, जानवरों की हड्डियां, व टेराकोटा इमेल मिली है। विभाग इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है। लखनऊ-बलिया हाईवे प्रोजेक्ट की खुदाई का काम जारी होने के कारण अब विभाग की चिंता है कि खुदाई को रोका जाए, तभी शोध को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय केएंथ्रोपॉलॉजी विभाग के छात्र
- फोटो : अमर उजाला
एंथ्रोपॉलॉजी विभाग केप्रोफेसर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दो मार्च को उन्हें लखनऊ के एक छात्र कार्तिक मणि त्रिपाठी का एक मेल आया। जिसमें उसने लिखा था कि सुल्तानपुर जिला स्थित बल्दीराय ब्लॉक के उमरा गांव में कुछ कलाकृतियां मिली हैं। इसकेलिए उनसे कुछ फोटो भी भेजी थी। इसके बाद उन्होंने शोध करने वाले स्कॉलर(सुदेशना बिसवास व रविन्द्रर) को लखनऊ भेजा। जहां से कार्तिक मणि त्रिपाठी उन्हें उस जगह पर लेकर गया।
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सुल्तानपुर में मानव संभ्यता के अवशेष मिले
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले कार्तिक भारतीय पुरातत्व विभाग समेत कई अन्य जगह मेल कर चुका था। लेकिन कहीं से उसे कोई जवाब नहीं मिला। उनकी टीम ने शोध के मूल्यांकन के बाद पाया कि इस जगह पर लगभग 2700 साल पहले मानव आबादी रहती होगी। जो कि उनके लिए इलाहाबाद जाने का व्यापार का रास्ता होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह केअवशेष मिले हैं उससे लगता है कि और काफी बड़े पैमाने पर चीजें यहां से प्राप्त हो सकती हैं।
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सुल्तानपुर में मानव संभ्यता के अवशेष मिले
- फोटो : अमर उजाला
प्रो मनोज ने कहा कि साइट को नुकसान ना हो इसके लिए पुरातत्व विभाग को पत्र लिखा है कि इसे संरक्षित किया जाए। अभी बाकी की स्टडी भी की जा रही है। आगे पुरातत्व विभाग के साथ शोध को आगे बढ़ाया जाएगा। साइट पर पहुंची सुदेशना ने बताया कि वह जब साइट पर पहुंचे तो उन्होंने वहां का सर्वे किया। वहां एक हाईवे प्रोजेक्ट चल रहा है इसलिए मिट्टी खुदाई का काम जारी है। इसी खुदाई में कार्तिक को कलाकृतियां मिली थी।