पाकिस्तान में ताकतवर नेताओं को फांसी देना कोई नई बात नहीं है। इतिहास इसका गवाह है। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को भी फांसी दी जा चुकी है। अब लंबे समय के बाद पाक के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भी देशद्रोह के मामले में कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। मुशर्रफ ने पिछले कई साल अमेरिका में बिताए, फिलहाल वह दुबई में हैं।
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दिल्ली में हुआ था पाक के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का जन्म, इस इलाके में गुजरा है बचपन
Tue, 17 Dec 2019 04:39 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 17 Dec 2019 04:39 PM IST
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परवेज मुशर्रफ और दिल्ली स्थित उनका पुराना मकान
- फोटो : अमर उजाला
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परवेज मुशर्रफ का घर
- फोटो : अमर उजाला
परवेज मुशर्रफ का जन्म 11, अगस्त 1943 को दिल्ली के दरियागंज में हुआ था। भारत के विभाजन के बाद उनका परिवार कराची जाकर बस गया। बाद में वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति और सेना प्रमुख बने। इन्होंने साल 1999 में नवाज शरीफ की लोकतांत्रिक सरकार का तख्ता पलट कर पाकिस्तान की बागडोर संभाली और 20 जून, 2001 से 18 अगस्त 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे।
मुशर्रफ का पुराना घर
- फोटो : Social Media
पुरानी दिल्ली के जिस घर में मुशर्रफ का जन्म हुआ था, वो अब काफी पुराना और कमजोर हो चुका है। हालांकि उस आलीशान घर को देखकर इस बात का अंदाजा अब भी लगाया जा सकता है कि मुशर्रफ उन दिनों पुरानी दिल्ली के जानेमाने परिवार से ताल्लुक रखते थे। अब उस हवेलीनुमा घर में आठ परिवार रहते हैं। साल 2001 में भारत दौरे के पहले दिन मुशर्रफ पुरानी दिल्ली के उस मकान में गए थे, जहां उनका बचपन गुजरा था। विभाजन के बाद मुशर्रफ के परिवार ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया और पुरानी दिल्ली के उस घर को छोड़कर सबलोग पाकिस्तान चले गए। उस समय मुशर्रफ मात्र चार साल के थे।
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परवेज मुशर्रफ के घर के आसपास की जगह
- फोटो : पीटीआई
2001 के समय जो लोग उस घर में रहते थे, उनमें से अधिकतर को तो इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि उसके असली मालिक कौन हैं? घर के असली कागजातों पर सारी जानकारियां उर्दू में लिखी हुई हैं, जिनपर मुशर्रफ के पिता के नाम से अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए हुए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक और अल्पसंख्यक समुदाय के नेता सर सैयद अहमद मुशर्रफ के पड़ोस वाले मकान में ही रहते थे। मुशर्रफ के पुराने घर के आसपास के इलाके बहुत पॉश, संकरे और गंदे हैं।
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परवेज मुशर्रफ
- फोटो : सोशल मीडिया
अप्रैल से जून-1999 तक भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध के दौरान परवेज मुशर्रफ सुर्खियों में आए। क्योंकि उस दौरान मुशर्रफ ही पाकिस्तान के सेना-प्रमुख थे। सेनाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने भारत को कई ऐसे जख्म दिये, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारते हुए रिश्तों को नए आयाम तक पहुंचाया, लेकिन उनकी यह पहल लंबे समय तक कायम नहीं रह पाई। माना जाता है कि परवेज मुशर्रफ ही अटल बिहारी का साथ देने में पीछे हट गए थे।