निर्भया केस के दोषी अक्षय कुमार सिंह ने तीन मार्च को होने वाली फांसी को टालने के लिए एक नया पैंतरा चला है। सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद निर्भया के गुनहगार अक्षय ठाकुर ने दोबारा दया याचिका दाखिल की है। इस याचिका में उसने कहा गया है कि फांसी की सजा से उसकी पत्नी और बच्चे को सामाजिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जबकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
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Nirbhaya Case
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय के वकील एपी सिंह की तरफ से दाखिल याचिका में कहा है कि पहले उसने भूलवश जल्दबाजी में दया याचिका दाखिल की थी। उसमें शपथ पत्र, आर्थिक स्थिति और आपराधिक रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज नहीं लगाए थे। लिहाजा न्यायहित में उसकी याचिका पर फिर से सुनवाई की जाए।
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इस बार याचिका को पूर्ण रूप से तैयार करके भेजा गया है। उन्होंने कोर्ट से कहा राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लंबित होने की स्थिति में दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती। लिहाजा दोषियों को 3 मार्च की दी जाने वाली फांसी के डेथ वारंट पर रोक लगाई जाए।
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निर्भया के दोषी अक्षय और विनय
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने इस अर्जी पर तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या अक्षय की ओर से दायर की गई याचिका में पहले कोई खामियां थीं जिन्हें अब पूरा किया गया है। इसके साथ ही कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से 2 मार्च तक याची की फांसी की तिथि से एक दिन पहले जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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निर्भया का दोषी अक्षय कुमार सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
गौरतलब है कि अक्षय की पुनर्विचार, सुधारात्मक व दया याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं और कानून कोई विकल्प नहीं है। वहीं दूसरी ओर कोर्ट के समक्ष पवन गुप्ता की ओर से दलील दी गई कि उसने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दायर की है, जो अभी लंबित है।