सुहाग और प्रेम के प्रतीक त्योहार करवा चौथ की तैयारियों केलिए शनिवार को इस पर्व को लेकर बाजारों में खूब रौनक रही। मेंहदी लगवाने वालों के पास महिलाओं की देर रात तक भीड़ रही, वहीं सोलह श्रृंगार के सामान के लिए महिलाओं ने देर शाम तक खूब खरीदारी की। करवा चौथ के लिए जरुरी सामान छलनी व लोटा की भी जमकर खरीदारी हुई। राजधानी के सभी प्रमुख बड़े बाजारों में देर रात तक महिलाओं की भीड़ नजर आई।
तो... इस समय निकलेगा करवाचौथ का चांद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के प्रमुख बाजारों में शनिवार को मेंहदी लगवाने में जुटी रही। कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर, कमला नगर, अशोक विहार, सरोजिनी नगर, दिल्ली हाट, पीतमपुरा, जनकपुरी, मॉडल टाउन, पश्चिम विहार, लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, प्रंशात विहार, अवंतिका, रोहिणी जैसे बाजारों में महिलाओं ने मुंह मांगे दामों पर अपने सजना के लिए मेंहदी लगवाई। मनपसंद डिजाइन के लिए महिलाओं ने 100 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक खर्च करने में गुरेज नहीं किया। जिसकी जैसी पंसद उसकी मेंहदी भी वैसी और उसके रेट भी वैसे।
किसी ने पति के चेहरे की आकृति को तो किसी ने राधा-कृष्ण की आकृति को हाथों में रचवाया। किसी ने हाथ में बेल बनवाने में खासी रुचि दिखाई। शनिवार शाम होते-होते रेट दुगुने होते गए। मेंहदी लगवाने का ऐसा क्रेज था कि उन्हें कतार में खड़े रहना भी मंजूर था। जिसकी जैसी पंसद उसकी मेंहदी भी वैसी और उसकेरेट भी वैसे।
ऐसा ही कुछ हाल पार्लरों का रहा जहां महिलाओं ने अपने सजने संवरने केलिए 500 से 5000 रुपये तक देने में गुरेज नहीं किया। सुबह से देर शाम तक पार्लरों में भी जरुरत से ज्यादा लम्बी कतारें लगीं रहीं। पार्लरों व मेंहदी के रेट बढने केबावजूद महिलाओं ने दिल खोलकर पति महोदय की जेब ढीली की है। पार्लरों ने 500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के स्पेशल करवा चौथ पैकेज दिए। वहीं कहीं जगह 25-30 फीसदी तक डिसकाउंट के ऑफर भी दिए गए। किसी ने परमानेंट हेयर स्टाइल कराया, तो किसी ने परमानेंट नेल आर्ट के लिए पैसे खर्ज करने में कमी नहीं रखी।पार्लरों में ररविर की बुकिंग पहले से ही फुल है।
रविवार होने के कारण बहाना नहीं करना पड़ेगा
करवा चौथ पर यह एक संयोग है कि इस बार रविवार पड़ रहा है। ऐसे में कामकाजी महिलाओं को काम से जल्दी आने के लिए बहाना नहीं बनाना पड़ेगा। वहीं पुरुषों के लिए भी राहत की बात यह है कि रविवार के कारण अधिकतर पुरुष घर पर ही होंगे। ऐसे में पति-पत्नी दोनों के लिए इस पर्व को मनाना सहज हो जाएगा। वहीं कामकाजी महिलाएं भी रविवार होने के कारण वे भी खुश है। उन्हें अब काम से छुट्टी लेने या फिर जल्द घर भागने की चिंता नहीं है।