भारत में पुलवामा, 26/11, संसद पर हमलों जैसे आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहे मसूद अजहर का नाम फिर चर्चा में है। आज यानी एक मई 2019 को संयुक्त राष्ट्र ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दया। आपको बता दें कि मसूद का दिल्ली से भी कनेक्शन है। मसूद अजहर ने करीब 25 साल पहले दिल्ली में रातें बिताई थीं और यहां घुसने के लिए एयरपोर्ट पर आव्रजन अधिकारियों को बड़े ही शातिर ढंग से धोखा दिया था।
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- फोटो : अशोका होटल की वेबसाइट से
दिल्ली में विदेशी राजनयिक भवनों की भरमार वाला चाणक्यपुरी एरिया आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर की जनवरी, 1994 में भारत यात्रा का पहला ठिकाना था। वह यहां फाइव स्टार दर्जे वाले अशोका होटल में ठहरा था। इस दौरे पर इस पाकिस्तानी आतंकी ने पुर्तगाली पासपोर्ट के जरिए देश में प्रवेश लिया था और आव्रजन अधिकारियों को एयरपोर्ट पर यह कहकर धोखा दिया था कि वह जन्म से गुजराती भारतीय है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
बांग्लादेश से भारत पहुंचने के दो सप्ताह बाद ही जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार कर लिए गए आतंकी मसूद अजहर से उस समय की गई पूछताछ रिपोर्ट के मुताबिक, वह अशोका होटल के बाद राजधानी के होटल जनपथ में भी ठहरा था। साथ ही मसूद ने तब लखनऊ, सहारनपुर और देवबंद के चर्चित इस्लामिक मदरसे दारूल-उलूम की भी यात्रा की थी।
पुलवामा में सीआरपीएफ पर आतंकी हमला कराने के आरोपी मसूद ने तब पूछताछ के दौरान कहा था, मैंने दो दिन ढाका में बिताए और उसके बाद बांग्लादेश एयरलाइंस के विमान से दिल्ली पहुंच गया। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मैं 29 जनवरी की सुबह शुरू होने के दौरान उतरा। आव्रजन अधिकारियों ने पूछा कि आप पुर्तगाली नहीं लगते, लेकिन मैंने तत्काल उत्तर दिया कि मैं जन्म से गुजराती हूं। इतना सुनने पर उन्होंने बिना कुछ बोले मेरे पासपोर्ट पर मुहर लगा दी। सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद इस पूछताछ रिपोर्ट में मसूद ने आगे कहा, मैंने एक टैक्सी किराये पर ली और ड्राइवर को एक अच्छे होटल ले जाने के लिए कहा। वह मुझे चाणक्यपुरी के अशोका होटल में ले आया, जहां मैंने कमरा ले लिया।
अशोका होटल में मिला आतंकियों से, देवबंद के दारूल-उलूम में बिताई थी रात
पूछताछ रिपोर्ट के मुताबिक, अजहर ने बताया था कि वह पूरी रात अशोका होटल में ही रहा और एक कश्मीरी नागरिक अशरफ दार को फोन किया। इसके बाद दार अपने साथ आतंकी संगठन हरकत-उल-अंसार के सदस्य अबू महमूद को लेकर होटल पहुंचा। अजहर ने आगे बताया कि मैंने देवबंद जाने की इच्छा जताई तो दार और महमूद मुझे एक मारुति कार में दारूल-उलूम लेकर गए। हमने रात दारूल-उलूम में ही बिताई और अगली सुबह पहले गंगोह और वहां से सहारनपुर गए।