भारतीय जनता पार्टी के यूपी में प्रचंड बहुमत पाने के बाद अगला सीएम कौन होगा इसे लेकर चर्चा जोरों पर है। इस पद के लिए इन दो नेताओं को प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
क्या इन दोनों में से कोई एक बनेगा यूपी का अगला सीएम, जानिए क्यों हैं दावेदार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिल गया। अब सवाल यह है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन बनेगा। यह तो पक्का है कि पीएम नरेंद्र मोदी की नजर में जो अच्छा होगा, वही कुर्सी संभालेगा। एक बात और है कि हरियाणा की तरह यूपी का सीएम आरएसएस से भी निकल सकता है। नोएडा से केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और नवनियुक्त विधायक पंकज सिंह की पार्टी और संगठन में मजबूत पकड़ है। लिहाजा, दोनों नाम सीएम की लिस्ट में बताए जा रहे हैं।
दरअसल, जिले के सांसद डॉ. महेश शर्मा जैसे ही केंद्र में मंत्री बने थे तो कहा गया था कि उनकी नजदीकी पीएम नरेंद्र मोदी से है। क्योंकि चुनाव के वक्त उन्होंने पीएम के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में भी काम किया था। इसके अलावा केंद्र के अन्य वरिष्ठ नेताओं के चुनाव क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी में चुनाव प्रचार किया था। सभी नेताओं के प्रचार के लिए नोएडा में ही वार रूम ने काम किया था। इसके अलावा करीब 30 साल से डॉ. महेश आरएसएस से जुड़े हुए हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है।
कई बार उनका नाम प्रदेश के सीएम के लिए आ चुका है। पिछले दिनों जब हरियाणा, महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों में विधानसभा के चुनाव हुए थे तो पीएम ने डॉ. महेश के दिल्ली आवास पर जाकर दो बार बैठक की थी। हालांकि, डॉ. महेश ने बताया कि पार्टी ने अभी तक उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी है, बखूबी निभाया है। आगे भी पार्टी ही निर्णय लेगी। सीएम पद के दावेदारों में नोएडा से दूसरा नाम पंकज सिंह का भी जुड़ गया है। वह अब नोएडा से रिकॉर्ड मतों से जीतकर विधायक बने हैं। 15 साल से भाजपा संगठन में काम करने का अनुभव है। साथ ही, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र भी हैं।
इसके अलावा बड़ी बात यह है कि जिस वक्त नोएडा से टिकट मिलने की बात आई थी तो काफी खींचतान हुई थी और करीब एक सप्ताह तक निर्णय नहीं हो सका था। बताते हैं कि यह बात मोदी तक पहुंची तो उनके हस्तक्षेप के बाद ही नोएडा से पंकज सिंह को टिकट मिला था। पंकज की अहमियत इसलिए भी बढ़ी है कि चुनाव प्रचार के वक्त एक दर्जन केंद्रीय मंत्रियों ने नोएडा आकर चुनाव प्रचार किया था। हालांकि, पंकज सिंह से जब यह बात पूछी कि गई कि सीएम के आप प्रबल दावेदार हैं तो उन्होंने हंसकर बात टाल दी। कहा कि उन्हें नोएडा की सेवा करने का अवसर मिला है। यह फैसला तो पार्टी ही करती है।