सुरेंद्र कुमार दास पहले ऐसे आईपीएस नहीं हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी को खत्म किया हो, उनसे पहले एक आईएएस ऐसा कर चुके हैं। पिछले साल बिहार के बक्सर जिले के डीएम मुकेश पांडे ने भी अपनी जिंदगी खत्म कर ली थी। उन्होंने भी पत्नी से विवाद के बाद ऐसा कदम उठाया था। उनके पास से पुलिस ने दो सुसाइड नोट बरामद किए थे। सुरेंद्र कुमार दास के पास से भी 7 लाइन का एक लेटर मिला है।
यूपी के कानपुर में तैनात आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास पांच दिनों तक जिंदगी के लिए जंग लड़े, लेकिन रविवार को दम तोड़ दिया। आईपीस की मौत की सूचना मिलते ही समूचा पुलिस विभाग व परिजन शोक में डूब गए। दास ने बुधवार सुबह कैंट स्थित सरकारी आवास में जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन और मातहत पुलिसकर्मी उन्हें उर्सला ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल रेफर कर दिया। जहां लगातार उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। बैचमेट सुरेंद्र दास को बचाने के लिए 16 आईपीएस अफसर दिन-रात जद्दोजहद कर रहे थे।
यूपी, दिल्ली में एक्मो मशीन नहीं मिली तो साथियों ने मशक्कत कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मदद से मुंबई से मशीन और डॉक्टरों की टीम चार्टर प्लेन से बुलाई। कानपुर में रीजेंसी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि विदेश के भी किसी हॉस्पिटल में सुरेंद्र को इलाज के लिए भर्ती कराते तो इसी तरह से इलाज किया जाता। इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता था। एक्सपर्ट का मानना है कि एसपी पूर्वी की पत्नी रवीना खुद भी डॉक्टर हैं।
पति के जहर खाने का पता चला तो उन्होंने असर कम करने के इरादे से पति को कई उल्टियां भी कराई थीं। जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल ले गईं। पुलिस ने अघोषित तरीकेसे आवास को अपनी निगरानी में ले लिया है। वहां पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सभी अफसरों का कहना है कि सुरेंद्र कुमार का व्यवहार और स्वभाव काफी अच्छा था। शाम को सुरेंद्र की पत्नी डॉ.रवीना अस्पताल से बाहर निकलीं और सरकारी गाड़ी में बैठ कर चलीं गईं। उस वक्त उनकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। कुछ देर बाद वह फिर लौटकर अस्पताल आ गईं थीं।
आईपीएस सुरेंद्र कुमार का लिखा एक पत्र मिला है। इस बात की पुष्टि एसपी पश्चिम संजीव सुमन ने की है। एसपी के मुताबिक पत्र में लिखा है कि मेरे जहर खाने के पीछे किसी का दोष नही है। रोज-रोज के छोटी-छोटी बातों को लेकर घरेलू झगड़ों से परेशान होकर यह कदम उठा रहा हूं। सात लाइन के लिखे पत्र में रवीना आई लव यू भी लिखा है। पत्र में और बातें लिखी हैं, जिसे पुलिस अफसर मीडिया शेयर नहीं कर रहे हैं। एसपी का कहना पत्र को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास जांच के लिए भेजा जाएगा। एडीजी ने इतना जरूर कहा है कि आईपीएस सुरेंद्र कुमार ने पारिवारिक कलह के चलते यह कदम उठाया था।