"सरहद पे बहुत तनाव है क्या, कुछ पता तो करो चुनाव है क्या?"-राहत इंदोरी का यह शेर इस समय देश के किसी हिस्से में अगर मौजूं है तो शायद वो बिसाहड़ा ही है। ठीक एक साल पहले बिसाहड़ा में सांप्रदायिक तनाव का माहौल था क्योंकि इकलाख के परिवार पर एक हिंसक भीड़ ने देररात हमला कर दिया था। भीड़ का मानना था कि इकलाख के परिवार ने गोहत्या की है और उसका मांस खाया है। भीड़ का गुस्सा जबतक शांत होता तब इकलाख अपनी जान गंवा चुका था और उसका छोटा दानिश मौत के मुहाने पर पड़ा तड़प रहा था।
तिरंगे में लपेटा हत्यारोपी का शव, नेता भी वहीं दे रहे भड़काऊ भाषण
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Fri, 07 Oct 2016 05:01 PM IST
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