कन्हैया की जमानत पर क्या बोलीं जज, 7 प्रमुख बातें
भारत विरोधी नारे कथित तौर पर लगाने के मामले में गिरफ्तार किए गए दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता कन्हैया कुमार को बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से ज़मानत मिल गई। कन्हैया की ज़मानत की सुनवाई करते हुए जस्टिस प्रतिभा रानी ने 23 पन्ने के अपने फैसले में कहा है कि राष्ट्रद्रोह के मामले की जांच अभी "शुरुआती स्तर" में है इसलिए जेएनयूएसयू अध्यक्ष को छह महीने की अंतरिम ज़मानत दी जाती है। 57 बिंदुओं में दिए गए फैसले में जस्टिस प्रतिभा रानी ने 37 बिंदुओं में बचाव पक्ष और सरकारी वकील की दलीलों का हवाला दिया है। (रिपोर्टः बीबीसी हिंदी)
कन्हैया की जमानत पर क्या बोलीं जज, 7 प्रमुख बातें
फैसले में 9 फ़रवरी की शाम से लेकर 11 फ़रवरी तक के घटनाक्रम का सिलसिलेवार वर्णन है। कोर्ट के फैसले पर गृहमंत्री ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
कन्हैया की जमानत पर क्या बोलीं जज, 7 प्रमुख बातें
कन्हैया कुमार के वकील ने भी कुछ टेलीविजन चैनलों को दिए साक्षात्कार में कोर्ट के फैसले पर कुछ नहीं कहा। लेकिन भाजपा के कुछ प्रवक्ता बार-बार अदालत के फैसले के कुछ बिंदुओं को दोहराते नज़र आए जिसमें जेएनयू कैंपस में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का ज़िक्र किया गया था।
कन्हैया की जमानत पर क्या बोलीं जज, 7 प्रमुख बातें
फैसले में जस्टिस प्रतिभा रानी ने कहाः
1. मैं अपने आपको एक चौराहे पर खड़ा महसूस कर रही हूं। जांच अभी शुरुआती स्तर पर है और 9 फ़रवरी को कन्हैया की मौजूदगी का दावा उस दिन शूट किए कुछ वीडियो फ़ुटेज के आधार पर किया गया है। सवाल ये है कि जिस तरह के गंभीर आरोप हैं और सबूतों के आधार पर जो राष्ट्र विरोधी रवैए का पता चला, उन्हें जेल में रखा जाना चाहिए।
कन्हैया की जमानत पर क्या बोलीं जज, 7 प्रमुख बातें
2. जेएनयू के छात्र संघ के नेता होने के कारण कन्हैया की कैंपस में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर कुछ ज़िम्मेदारियां और जवाबदेही है। भारत के संविधान में दी गई अभिव्यक्ति की आज़ादी के तहत हर नागरिक को अपनी विचारधारा और राजनीतिक जुड़ाव के साथ जीने का हक़ है। जमानत की सुनवाई करते हुए ये ध्यान में रखने की बात है कि हम अभिव्यक्ति की आज़ादी इसलिए मना पा रहे हैं क्योंकि हमारे जवान सरहदों पर तैनात हैं। हमें सुरक्षा देने वाली हमारी सेना दुनिया के सबसे कठिन इलाकों जैसे कि सियाचिन और कच्छ के रण में तैनात है।