{"_id":"5bf3734dbdec22051424624c","slug":"four-persons-killed-after-a-fire-broke-out-at-a-factory-in-delhi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"फैक्ट्री आग कांड: परिवार में अकेला कमाने वाला था भगन, मंजर बयां करते वक्त कांप रहा था चश्मदीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फैक्ट्री आग कांड: परिवार में अकेला कमाने वाला था भगन, मंजर बयां करते वक्त कांप रहा था चश्मदीद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Nov 2018 08:07 AM IST
विज्ञापन
मौके पर जमा महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे के शिकार लोगों के परिवारों की हालत बेहद खराब है। किसी का बेटा बीमार है तो किसी का पति। आरती तो पिता का सहारा बनने के लिए खुद शादी न करके भाई-बहनों को पढ़ा रही थी। अब इनके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। मंगलवार को इनके शवों का पोस्टमार्टम आरएमएल अस्पताल में होगा।
Trending Videos
मृतक आरती का पिता
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के शिकार भगन के मौसेरे भाई उमेश ने बताया कि उसका भाई किराए का कमरा लेकर टैंक रोड पर रहता था। इसका परिवार देवरिया में रहता है। परिवार में पत्नी के अलावा छह बेटियां और एक 25 वर्षीय मूक बधिर बेटा है। बेटे के इलाज और परिवार का पेट पालने के लिए भगन दिल्ली में रहकर नौकरी कर रहा था।
फैक्ट्री से निकलता पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
रैगरपुरा निवासी आशा की बेटी लिपिका ने बताया कि उसके पिता विजय कुमार चप्पल बेचते थे। उनकी रीढ़ की हड्डी में कोई बीमारी हुई तो वह बैड पर आ गए। दो छोटे बेटों और डीयू की छात्रा लिपिका को पढ़ाने के लिए आशा ने अजय खुराना की फैक्टरी में आठ हजार रुपये महीने की नौकरी कर ली। एक ही पल में सब कुछ समाप्त हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
करोल बाग में फैक्ट्री में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
आरती परिवार के साथ डीडीए कालोनी, विजय विहार में रहती थी। इसके परिवार में पिता इंद्रपाल, मां, एक छोटा भाई और दो छोटी बहनें हैं। इंद्रपाल छोटा-मोटा काम करता है। वहीं आरती प्रेस करने की फैक्टरी में पिछले काफी समय से सुपरवाइजर थी। एक साल पहले ही वह इस फैक्टरी में काम करने आई थी।
आरती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी शादी के लिए बार-बार मना कर देती थी। उसका कहना था कि जब तक बहन-भाइयों को पढ़ा नहीं लेती, वह शादी नहीं करेगी। इधर, पुलिस राम नरेश के परिवार का इंतजार कर रही है।
आरती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी शादी के लिए बार-बार मना कर देती थी। उसका कहना था कि जब तक बहन-भाइयों को पढ़ा नहीं लेती, वह शादी नहीं करेगी। इधर, पुलिस राम नरेश के परिवार का इंतजार कर रही है।
विज्ञापन
आग की चपेट में आकर झुलसा युवक
- फोटो : अमर उजाला
हादसे का चश्मदीद राज सिंह इस मंजर को बयां कर कांप रहा था। उसका कहना था कि उन लोगों के सामने ही आग में फंसे चारों लोग मदद मांगते-मांगते खामोश हो गए। 12:40 बचे बचाव दल पहुंचा तो अंदर से भगन, रामनरेशा, आशा और आरती के बुरी तरह जले हुए शव मिले।
एक पड़ोसी परमानंद ने बताया कि यहां अजय खुराना की फैक्टरी करीब 15-20 साल से है।
एक पड़ोसी परमानंद ने बताया कि यहां अजय खुराना की फैक्टरी करीब 15-20 साल से है।