भ्रष्टाचार के खिलाफ जंतर-मंतर पर अन्ना हजारे के आंदोलन और नेताओं से मिली चुनौती के बाद केजरीवाल ने तय किया कि वो राजनीति करेंगे और दिखा देंगे कि जब आम आदमी राजनीति करने उतरता है तो बाकी लोगों का क्या अंजाम होता है। 2015 में दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी ने सीटों का ऐसा आंकड़ा छुआ कि इतिहास ही बना दिया। 70 में से 67 सीटें जीत कर उन्होंने बड़े-बड़े राजनीतिकों और विश्लेषकों को सकते में डाल दिया। लेकिन दो साल के भीतर ही पार्टी का ग्राफ तेजी से गिरने लगा। हाल ही में हुए पंजाब, गोवा विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और दिल्ली में राजौरी गार्डन उप-चुनाव में आप उम्मीदवार की जमानत जब्त होने के बाद रविवार को हो रहे नगर निगम चुनाव ने पार्टी के अस्तित्व के लिए ही खतरा पैदा हो गया है। सूत्रों की मानें तो तीनों नगर निगमों का चुनावी नतीजा दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए ताबूत की आखिरी कील साबित हो सकता है। आइए जानते हैं क्या हैं वो कारण जो केजरीवाल सरकार के लिए बन रहे हैं खतरा...
एमसीडी चुनाव परिणाम आते ही गिर सकती है केजरीवाल सरकार, ये हैं 5 कारण
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Apr 2017 01:33 PM IST
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