दिल्ली में शुक्रवार(13 दिसंबर) को एक शख्स ने मेट्रो के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली और फिर बाद में उसकी बीवी ने बेटी के साथ अपने घर में आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में बात सामने आई है कि परिवार के मौत की वजह आर्थिक तंगी हो सकती है। ऐसा ही एक हादसा बीते सप्ताह गाजियाबाद में हुआ था जब एक शख्स ने अपने दो बच्चों को मौत के घाट उतारकर खुद अपनी बीवी और महिला मैनेजर के साथ आत्महत्या कर ली।
वो परिवार जो हार गए जिंदगी की जंग, एक साथ हुई दर्दनाक मौत
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पहली वारदातः पति की आत्महत्या से आहत होकर बेटी संग लगाई फांसी
नोएडा निवासी और दिल्ली की एक कंपनी में जनरल मैनेजर ने शुक्रवार सुबह दिल्ली में जेएलएन मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। इसकी सूचना मिलने पर सदमे में आई पत्नी ने देर रात पांच वर्षीय बेटी के साथ अपने फ्लैट में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
दूसरी वारदातः गाजियाबाद में कारोबारी ने बच्चों को मारकर फिर खुद लगा पत्नी और महिला मैनेजर के साथ की आत्महत्या
इंदिरापुरम के वैभवखंड स्थित कृष्णा अपरा सफायर सोसायटी में मंगलवार सुबह कारोबारी ने अपने दो बच्चों की हत्या कर महिला मैनेजर और पत्नी के साथ आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को कमरे की दीवार पर सुसाइड नोट लिखा मिला है जिसमें कारोबारी ने अपनी मौत और तंगी के लिए साढ़ू राकेश वर्मा को जिम्मेदार ठहराया। बच्चों की हत्या के बाद कारोबारी ने दिल्ली में एक परिचित को वीडियो कॉल करके कहा कि अब सब खत्म हो गया है। पुलिस ने पांचों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू कर दी।
तीसरी मामला: महरौली में एक शिक्षक ने अपने ही परिवार को खत्म किया
राजधानी के महरौली में शुक्रवार देर रात(21-22 जून) एक शिक्षक ने पत्नी और तीन बच्चों को नींद की गोलियां देकर सुलाने के बाद उनकी गला रेतकर हत्या कर दी। चाकू और पत्थर काटने वाली मशीन से गला काटने के बाद आरोपी रातभर शवों के पास बैठा रहा। घटना का खुलासा होने पर आरोपी उपेंद्र कुमार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से चंपारन (बिहार) निवासी शिक्षक परिवार के साथ वार्ड नंबर-2, महरौली में रहता है। वह ऊपर के कमरे में पत्नी अर्चना (35), बेटी रानिया (8), बेटा रौनक (5) और 40 दिन की बेटी रानी के साथ सोने गया था। उसकी सास ललिता देवी और भतीजी अनमोल दूसरे कमरे में सो रही थी। सुबह सास बेटी-दामाद को जगाने गई तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। फिर शोच मचाने पर पड़ोसियों ने आकर दरवाजा खोला तो अंदर खून से लथपथ शव पड़े थे। शवों के पास उपेंद्र कमरे में ही मौजूद था।
चौथी वारदात: वैज्ञानिक ने पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर लगाई फांसी
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में सोमवार सुबह यह सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक वैज्ञानिक ने अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया, और फिर खुद आत्महत्या कर ली। गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित उप्पल साउथ एंड एस ब्लॉक के फ्लैट नंबर 299 में डॉक्टर प्रकाश सिंह(55) अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी सोनू सिंह(50), बेटी अदिति(22) और बेटा आदित्य(13) थे। कोमल एक गैर सरकारी पाठशाला का संचालन करती थीं। अदिति जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में बी-फार्मा की छात्रा थी, जोकि गुरुग्राम के बेस्टेक पार्क स्थित एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थी। बेटा आदित्य डीएवी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था।