राकेश प्रजापति और सूरत सिंह तोमर ने बेटियों की शादी के लिए बहुत अरमान संजोए थे। 27 फरवरी को घोंडा गांव के अलग-अलग बरात घरों में दोनों की बेटियों की बरात भी आने वाली थीं। उत्तर-पूर्वी जिले में भड़के दंगे ने दोनों पिताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया। शादी से ठीक एक दिन पहले राकेश के समधी ने वहां बरात लाने से इनकार कर दिया।
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पीड़ित परिवार
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद राकेश बेटी को लेकर 26 फरवरी की रात नोएडा सेक्टर-44 पहुंचे। वहां एक छोटे से बरातघर में शादी का कार्यक्रम कर बेटी को विदा किया। इसी तरह, सूरज सिंह के समधी ने बरात न लाकर चार-पांच लोगों को लाने की बात कही। पुलिस की सुरक्षा में गुरुग्राम से पांच लोग घोंडा पहुंचे।
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सूरत ने घर पर पंडित बुलाकर बेटी के फेरे डलवाए और पुलिस की सुरक्षा में ही बेटी को विदा किया। दोनों ही पिता कहते हैं कि भगवान ऐसी घड़ी किसी परिवार पर न लाए। घोंडा गांव में परिवार के साथ रहने वाले राकेश प्रजापति की बेटी प्रीति की शादी 27 फरवरी को थी। बरात नोएडा सेक्टर-44 से आनी थी।
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delhi violence
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राकेश ने बरात के स्वागत का इंतजाम घोंडा के ही एक बरातघर में किया था। सारे इंतजाम में कई लाख रुपये लगे। इस बीच जिले में हिंसा हो गई। लड़के के पिता ने 26 फरवरी को कॉल कर राकेश से बरात लाने से मना कर नोएडा आकर शादी करने को कहा। राकेश तैयार हो गए और घोंडा चौक पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
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पुलिस की सुरक्षा में राकेश का पूरा परिवार 26 फरवरी की रात को ही घोंडा से नोएडा सेक्टर-44 पहुंच गया। वहां एक छोटा बरातघर बुक करा शादी की रस्में पूरी की गईं। इस तरह, सूरत सिंह तोमर की बेटी निशा की बरात नरहेड़ा, गुरुग्राम, हरियाणा से आनी थी। सूरत ने बरातघर बुक कर 500-600 लोगों की आवभगत का इंतजाम किया। इसी बीच, दूल्हे के पिता ने फोन कर हिंसा की वजह से बरात लाने में असमर्थता जताई।