दिल्ली की ठंड में मंगलवार सुबह चाय की दुकानों पर लोग गरमा-गर्म चुस्की के साथ राजनैतिक पार्टियों पर जबरदस्त बहस करते नजर आए। किसी को दिल्ली की सेवाएं मुफ्त भा रही हैं तो कोई चुनाव को लेकर उत्साहित है। उनका मानना है कि जब वे स्वयं में सक्षम हैं तो सरकार की मदद क्यों लें? इस बीच आचार संहिता लागू होने के बाद पार्टियों के रुख की चर्चा बेहद खास रही।
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कई जगह लगे हैं पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
जगह-जगह लगे पोस्टरों को नहीं हटाए जाने को लेकर कई जगह चर्चा चली। दिल्ली के कई इलाकों में आचार संहिता के बावजूद पार्टियों के बैनर पोस्टर लगे रहे। जिसे बाद में एनडीएमसी के कर्मचारियों ने हटाया।
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पोस्टरों को हटाते एनडीएमसी कर्मचारी
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एनडीएमसी ने चुनाव तारीखों के एलान के बाद दिल्ली के पंत मार्ग स्थित दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय की दीवार पर लगे पोस्टरों को हटाया। वहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर भी उखड़े हुए पोस्टरों के दाग दिखे। इधर आम आदमी पार्टी के कार्यालय में गहमा-गहमी तेज हो गई। नेताओं के आने-जाने और बैठकों का दौर शुरू हो गया।
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मेट्रो पिलर पर चिपके पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा बहुचर्चित लक्ष्मी नगर इलाके में भी आचार संहिता लागू होने के बाद पोस्टर नहीं हटाए गए। कई बस स्टैंडों और मेट्रो पिलर पर पार्टियों के पोस्टर चिपके नजर आए। दिनभर लोगों की बातचीत भाजपा, आप और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही। कोई पुराना कांग्रेसी था तो कोई वर्तमान सरकार के कार्यों से संतुष्ट था। कुछ का मानना था कि जनता की भलाई तभी है जब देश और दिल्ली में एक जैसी सरकार हो। बहरहाल, इस बातचीत में सबसे दिलचस्प था लोगों का चुनाव के प्रति उत्साह।
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अब भी कई जगह लगे हुए हैं पोस्टर्स
- फोटो : अमर उजाला
वहीं कई इलाकों में एनडीएमसी ने सख्ती से बड़े-बड़े बैनरों से लेकर छोटे-छोटे पोस्टरों तक को निकाल दिया। सभी पोस्टरों को गाड़ी में भरकर एनडीएमसी कर्मचारी ले जाते नजर आए।