बुलंदशहर के पहासू में वसीयत न लिखने पर बेटे ने शुक्रवार सुबह गड़ासे से अपने पिता का गला काट कर लहूलुहान कर दिया।
हालत गंभीर होने पर उन्हें बुलंदशहर अस्पताल से हायर सेंटर दिल्ली रेफर किया गया है। अस्पताल ले जाने के कारण परिजनों ने अब तक आरोपी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है। खंडार गांव निवासी 80 वर्षीय भजनलाल के तीन बेटे हैं। बताया जा रहा है कि भजनलाल ने अपनी वसीयत बड़े बेटे की पत्नी और बीच के बेटे के बच्चों के नाम कर दी थी, जबकि छोटे बेटे नाम वसीयत न होने से वह आए दिन झगड़ा करता था। इस पर भजनलाल शादी होने के बाद वसीयत लिखने की बात कहते रहे।
पांच साल पूर्व जब छोटे बेटे की शादी हो गई तो उसने वसीयत लिखने के लिए पिता पर लगातार दबाव बनाता रहा, लेकिन पिता के इनकार करने पर वह खफा हो गया। शुक्रवार सुबह जब भजनलाल खेत पर गए थे तब छोटा बेटा भी पीछा करता हुआ पहुंच गया। उसने गड़ासे से गले पर सिर और पीठ पर वार करते हुए पिता भजनलाल को लहूलुहान कर दिया।
चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आते देख आरोपी बेटा मौके से भाग गया। परिवार के लोग आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से चिकित्सकों ने बुलंदशहर अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन हालत बिगड़ने पर अब वहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया है। थाना प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।