दिल्ली के फतेहपुरबेरी में जब से साढ़े आठ साल के बच्चे द्वारा डेढ़ साल के बच्चे को पानी में डूबोकर मारने की बात सामने आई है, तब से यह खबर सुर्खियों में है। इस घटना ने उन तमाम वारदातों की याद ताजा कर दी है जिन्होंने कभी न कभी पूरे देश में सनसनी मचाई थी। फतेहपुरबेरी की यह वारदात भाई की पिटाई का बदला लेने के लिए की गई। दिल्ली पुलिस के वार्षिक अपराध आंकड़ों में भी यह बात है कि 2018 में राजधानी में सबसे अधिक 38 फीसदी लोगों को किसी न किसी रंजिश की वजह से जान गंवानी पड़ी। नाबालिगों द्वारा हर साल किए जाने वाले अपराधों की संख्या भी दिल्ली में बढ़ती जा रही है। हमारी इस खास स्टोरी में पढ़ें ऐसे ही कुछ अपराध जो नाबालिगों ने दिए अंजाम और जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया, कुछ मामले तो विदेशी मीडिया में भी उछले...
नाबालिगों के अकल्पनीय अपराध जिससे दहला पूरा देश, एक-दो नहीं पूरी चार हैं ऐसी घटनाएं
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प्रिंस हत्याकांड- 8 सितंबर 2017 को 7 साल के मासूम की स्कूल में की गई निर्मम हत्या साल की ऐसी बड़ी घटना बन कर उभरी जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। गुरुग्राम के एक इंटरनेशनल स्कूल के क्लास 2 में पढ़ने वाले सात साल के प्रिंस की जिस तरह गला रेतकर हत्या की गई और फिर उसमें पहले बस के कंडक्टर और फिर स्कूल के 11वीं के छात्र का नाम सामने आया उससे पूरा देश सकते में आ गया। यह केस हरियाणा पुलिस की लापरवाही से आरुषि हत्याकांड का रुख अख्तियार कर सकता था, हालांकि प्रिंस के परिवार के लगातार दबाव बनाने से यह केस सीबीआई को सौंपा गया जिससे न्याय की उम्मीद बंधी है। हालांकि अभी भी इस केस में कोई फैसला नहीं आया है।
गौर सिटी में मां-बेटी की हत्या- 2017 में ही ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी में हुई मां-बेटी की हत्या की घटना भी बड़ी और दहला देने वाली घटनाओं में से एक है। इस मामले में 11वीं के छात्र ने अपनी मां का सिर्फ इसलिए कत्ल कर दिया क्योंकि वह उसे पढ़ाई के लिए काफी डांटती और मारती रहती थी। हत्या वाले दिन भी मां ने उसे मारा पीटा था। वहीं डर की वजह से उसने बहन को भी मार दिया था। इसके बाद वह घर से भाग गया और फिर बनारस में बरामद किया गया। इस वक्त वह बाल सुधार गृह में कैद है।
इन सभी घटनाओं के सामने आने पर यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए थे व लोग यह भी सोचने को मजबूर हो गए कि आखिर हमारे समाज में नाबालिगों में इतनी हिंसक प्रवृत्ति क्यों बढ़ रही है।