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Chhath Puja 2019: क्या है मान्यता, क्यों दिया जाता है उगते सूर्य को अर्घ्य?

Sun, 03 Nov 2019 09:06 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 03 Nov 2019 09:06 AM IST
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Chhath puja 2019 Why Give Arghya to rising sun
Chhath Puja
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में मनाया जा रहा आस्था का महापर्व छठ रविवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही खत्म हो गया। दिल्ली-एनसीआर में बने सैकड़ों घाटों पर श्रद्धालुओं ने रविवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। यमुना में छठ के चौथे दिन रविवार सुबह तय समय 6:35 बजे पर उगते सूर्य को व्रतियों ने अर्घ्य दिया और छठी मैया की पूजा कर अपना व्रत खत्म किया। व्रतियों ने गन्ने के बीच में मिट्टी के हाथी जो भगवान गणेश के रूप में होते हैं व कलशी रखा, गन्ने के पास मिट्टी के बर्तन में प्रसाद रखकर दीप जलाया। 
Chhath puja 2019 Why Give Arghya to rising sun
chhath puja - फोटो : PTI
क्या है मान्यता 
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार प्रथम मनु स्वायम्भुव के पुत्र राजा प्रियव्रत को कोई संतान नहीं थी, इससे वह दुखी रहते थे। महर्षि कश्यप ने राजा से पुत्रेष्ठि यज्ञ कराने को कहा। राजा ने यज्ञ कराया, इसके बाद उनकी महारानी मालिनी ने एक पुत्र को जन्म दिया। लेकिन, शिशु मरा पैदा हुआ था। राजा का दुख देखकर एक दिव्य देवी प्रकट हुईं। उन्होंने उस मृत बालक को जीवित कर दिया। देवी की कृपा से राजा बहुत खुश हुए। उन्होंने षष्ठी देवी की स्तुति की। ऐसी मान्यता है कि इसके बाद ही हर ओर इस पूजा का प्रसार हो गया। 
Chhath puja 2019 Why Give Arghya to rising sun
chhath puja
ब्रह्मवैवर्त पुराण के प्रकृति खंड में बताया गया है कि सृष्टि की अधिष्ठात्री प्रकृति देवी के एक प्रमुख अंश को देवसेना कहा गया है। प्रकृति का छठा अंश होने के कारण इन देवी का नाम षष्ठी है। षष्ठी देवी को ही छठ मैया कहा गया है, जो निसंतानों को मनोकामना पूरी करतीं हैं और उनकी रक्षा करती है। साथ ही मान्यता है कि सूर्य की गिनती उन 5 प्रमुख देवी-देवताओं में की जाती है, जिनकी पूजा सबसे पहले करने का विधान है। सूर्य की उपासना करने से मनुष्य को सभी तरह के रोगों से छुटकारा मिल जाता है। जो सूर्य की उपासना करते हैं, वे दुखी, शोकग्रस्त और अंधे नहीं होते हैं।
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Chhath puja 2019 Why Give Arghya to rising sun
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क्यों दिया जाता है अर्घ्य 
छठ पर्व के दौरान उगते सूर्य एवं डूबते सूर्य दोनों को अर्घ्य देने का विधान है। मान्यता है कि सुबह सूर्य की आराधना करने से स्वास्थ्य बेहतर होता है। सूर्य मुख्य रूप से तीन वक्त सबसे प्रभावशाली होता है । प्रात:, मध्याह्न और सायंकाल। मध्याह्न की आराधना करने से नाम और यश की प्राप्ति होती है और सायंकाल की आराधना संपन्नता प्रदान करती है। जो लोग अस्ताचलगामी सूर्य की आराधना करते है, उन्हें प्रात: काल की उपासना भी करनी चाहिए। 
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Chhath puja 2019 Why Give Arghya to rising sun
उगते सूर्य को अर्घ्य देने की रीति तो कई व्रतों और त्योहारों में है। लेकिन, डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा केवल छठ व्रत में है। शाम के समय सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं। इसलिए प्रत्यूषा को अर्घ्य देना तुरंत लाभ देता है। ज्योतिष के जानकारों की मानें तो अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने से हर तरह की परेशानी दूर होती है।
 
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